मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों पर आयोग गंभीर: रामलुभाया
भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़
राज्यचुनाव आयुक्त रामलुभाया ने कहा कि पिछले सालों में चुनाव प्रक्रिया में काफी सुधार हुआ है, लेकिन मतदाता सूचि में गड़बड़ियां अब भी रहती हैं। आयोग अब इस पर फोकस कर रहा है और समाधान के लिए जिला अधिकारियों से सुझाव ले रहे हैं।
वे गुरुवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव सुधार एक सतत् प्रक्रिया है। लोकसभा, विधानसभा से लेकर पंचायतीराज स्थानीय निकायों के चुनाव तक पूरी तरह निष्पक्ष पारदर्शिता हो, इसके लिए आयोग अब मतदाता सूचियों में गड़बड़ी रोकने पर गंभीर है। मतदाता सूचियों सहित शहरी ग्रामीण चुनाव प्रणाली में और क्या सुधार होने चाहिए, इस बारे में सुझाव लिए जा रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर वेदप्रकाश, एडीएम सुरेशचंद्र एसपी प्रसन्न कुमार खमेसरा से भी चर्चा की।
इलेक्शन पूरी तरह पेपरलेस करने का लक्ष्य
पंचायतीराजचुनावों में अब तक मतपत्रों का उपयोग होने के सवाल पर राज्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि आयोग पूरे चुनाव तंत्र को पेपरलेस करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इसके तहत काफी काम हो चुका है। लाेकल इलेक्शन तक मतदाता सूचियां कंप्यूटराइज्ड और आॅनलाइन करने का प्रयास है। नगरीय निकाय चुनाव तो ईवीएम से ही होने लगे हैं, पर पंचायतीराज चुनाव में एक साथ इतनी ईवीएम उपलब्ध नहीं हो पाना बड़ी समस्या है।
स्थानीयचुनावों में प्रचार खर्च पर पाबंदी जरूरी
करीबतीस साल पहले चित्तौड़गढ़ में कलेक्टर रह चुके रामलुभाया ने कहा कि लोस विस चुनाव में तो प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार खर्च पर काफी हद तक बंदिश लग गई है, लेकिन स्थानीय चुनावों में अभी इस पर अपेक्षित नियंत्रण नहीं हो पाया है। इसके लिए कठोर आचार संहिता बनाने पर आयोग विचार कर रहा है। इसके साथ ही चुनाव दर चुनाव से प्रशासन पर पड़ने वाले कार्यभार को देखते हुए चुनाव प्रणाली में और सरलीकरण सुधार के उपाय भी किए जाएंगे।