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महिलाएं विकास की धुरी

6 वर्ष पहले
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दौसा | महिलाएंपरिवार, समाज देश के विकास की धुरी हैं। विश्व में 60 फीसदी कार्य महिलाएं ही करती हैं। एक शिक्षित महिला परिवार की जिम्मेदारी को बखूबी निभाने के साथ देश के आर्थिक विकास में भी पुरुषों के बराबर योगदान का माद्दा रखती है। महिलाओं ने जिस क्षेत्र में कदम रखे हैं, वहीं अपनी प्रतिभा, लगन मेहनत से सर्वोच्च शिखर पर पहुंची हैं। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महासचिव ने यह बात बुधवार को महिला कालेज में आयोजित मातृ शक्ति सम्मेलन में कही। समाजसेवी लिंबाराम ने कहा कि महिलाएं परिवार के स्तर पर दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों से अच्छी तरह निपट सकती हैं। वे अबला नहीं, सबला है। उन्हें अपनी अंतर्निहित शक्ति को पहचान कर बुराइयों के विरोध में आवाज बुलंद करने की जरुरत है।

प्राचार्य डॉ. शंकर लाल शर्मा ने कहा कि महाविद्यालय का वातारण अच्छा है। यहां छात्राएं पूरी तरह खुद को सुरक्षित अनुभव करती हैं। महाविद्यालय छात्राओं को उनके व्यक्तित्व विकास का मंच उपलब्ध कराता है और उनके सर्वांगीण विकास में भागीदारी बनता है। साथ छात्रा विभा मीणा, एकता गौतम तोषिबी शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए तथा खुद के द्वारा रचित कविताओं का पठन किया। सम्मेलन में स्टाफ, छात्रसंघ पदाधिकारी, छात्रसंघ की मुख्य परामर्शदात्री डॉ.मधुमति छात्राओं ने भाग लिया।

आजमयूरी-2015

महिलामहाविद्यालय में गुरुवार को मयूरी-2015 नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्राचार्य डॉ. शंकर लाल शर्मा ने बताया कि मयूरी सांस्कृतिक कार्यक्रम में 35 छात्राएं खुदा के नृत्य कौशल का प्रदर्शन करेंगी।

सामाजिकअंकेक्षण 15 को

दौसा | पंचायतसमिति की समस्त ग्राम पंचायतों में 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2014 तक के नरेगा कार्यों एवं रिकार्ड का सामाजिक अंकेक्षण 15 फरवरी से किया जाएगा। कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि अंकेक्षण में चयनित ब्लाक ग्राम संसाधान व्यक्तियों द्वारा किया जाएगा।