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सरसों में सफेद रोली का प्रकोप

7 वर्ष पहले
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कृषि अधिकारियों ने बताए रोकथाम के उपाए

कार्यालयसंवाददाता | दौसा

बादलछाए रहने से सरसों में सफेद रोली के प्रकोप की आशंका बढ़ गई है। इसको देखते हुए कृषि विभाग ने रोकथाम के उपाय बताए हैं।

कृषि अधिकारी (पौध सरंक्षण) अनिल शर्मा ने बताया कि अधिक आर्दता बादल छाए रहने से सफेद रोली के प्रकोप की आशंका बढ़ गई है। सफेद रोली के प्रकोप से फसल की पत्तियों के नीचे के भाग में सफेद रंग के चिकत्ते पड़ जाते हैं। कालांतर में यह रोग पौधे के फूल तथा फलियों पर भी जाता है। इससे पत्तियां पीली पड़कर सूखने लगती है तथा पैदावार कम हो जाती है। इसकी रोकथाम के लिए मेनकोजेक दवा 2 किलो प्रति हैक्टेयर की दर से 500-600 लीटर पानी में घोलकर फसल में छिड़काव करें। उन्होंने बताया कि इन दिनों शीत लहर के प्रकोप की आशंका है। इससे सरसों की फसल में नुकसान हो सकता है। इसके बचाव के लिए किसान सिंचाई के साथ जिप्सम का प्रयोग करें। थायोयूरिया 500 ग्राम प्रति हैक्टेयर 500-600 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। गंधक का अम्ल 1 एमएल प्रति लीटर पानी में घोलकर फूल आने से पहले, फली लगने के बाद छिड़काव करने से पाले का प्रकोप कम हो सकेगा। उन्होंने बताया कि फसल को रोग से बचाने के लिए किसान सजग रहे, जिससे रोग लग ही नहीं सके।