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तालाब और खेतों पर दबंगों का कब्जा, ग्रामीणों ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
ग्रामजसोता में तालाब खातेदारी भूमि पर दबंगों का कब्जा हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है।
पीड़ित कैलाश नारायण शर्मा ने बताया कि भू माफिया ने टीले को ढहाकर तालाब में मिट्टी भरना शुरू कर दिया है। इससे टीले तालाब को खेतों में मिलाकर कब्जा कर रहे हैं। यह सिलसिला कई सालों से जारी है। सार्वजनिक भूमि के साथ उसकी खातेदारी भूमि खसरा नं. 475, 1533 पर भी कब्जा कर लिया है। अतिक्रमियों ने साठगांठ कर तालाब के पास नाले को भी राजस्व रिकार्ड से गायब करा दिया है। अतिक्रमण की शिकायत कलेक्टर तक करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने पर भी कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। अतिक्रमियों द्वारा तालाब की भूमि पर खेती की जा रही है, वहीं पक्के मकान भी बना लिए हैं। अतिक्रमण का विरोध करने पर दबंगों द्वारा धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने राज्यपाल से न्याय की गुहार की है।
आलूदा से दौसा सड़क मार्ग पर बबूलों से खतरा
पापड़दा| आलूदासे दौसा मार्ग पर डामर सड़क बदहाल है, वहीं विलायती बबूलों ने सड़क पर पूरी तरह कब्जा कर रखा है। आलूदासे बीघा वास मोड़ तक छह किमी तक डामर सड़क के ऊपर भी विलायती बबूल छा रहे हैं। नौ फुट चौड़ी इस बदहाल सड़क पर कांटे झूल रहे हैं। कई जगह इतने घने हैं कि दो ट्रैक्टर, जीप बस यदि आमने-सामने जाए तो दूर रोककर ही साइड देनी पड़ती है। लोगों की हादसे का डर रहता है। रात को सामने से वाहन की रोशनी से कुछ भी दिखाई नहीं पड़ता। घुमावों पर दिन में सामने से आने वाले वाहन भी बबूलों की ओट से दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने बबूलों को हटवाने की मांग की है, जिससे लोगों को राहत मिल सके।
पापड़दा. सड़कके दोनों तरफ छाई विलायती बबूल।