दौसा. बिजली चोरी पर अंकुश लगाने, उपभोक्ताओं की मशक्कत बचाने और मीटर रीडिंग व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के मकसद से जयपुर डिस्कॉम ने वृत्त के ज्यादातर सब डिविजनों में बिजली मीटरों की फोटो रीडिंग शुरू कराई, लेकिन दौसा शहर में यह व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी।
इसके चलते कम-ज्यादा रीडिंग लेने की शिकायतें रही हैं। कई उपभोक्ताओं को बिजली मीटर की दोबारा जांच करानी पड़ रही है।
जानकारी के मुताबिक डिस्कॉम ने उपभोक्ताओं के बिजली मीटरों की फोटो रीडिंग के लिए मार्च में एक कंपनी से करार किया था। कंपनी ने वृत्त के अधीन 9 सब डिविजन में अक्टूबर से मीटरों की फोटो रीडिंग शुरू कर दी, लेकिन दौसा में यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी। शहर में फिलहाल पुरानी व्यवस्था ही चल रही है।
बिलिंग निजी कंपनी कर रही है, जिससे रीडिंग को लेकर हर माह उपभोक्ताओं की शिकायतें रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि मीटरों की फोटो रीडिंग ली जाए तो व्यवस्था पारदर्शी हो जाएगी।
रोजाना 15 शिकायत
दौसा प्रथम सब डिविजन के अधीन सितंबर तक 34 हजार 669 उपभोक्ता हैं। इनमें 3 हजार 747 के कनेक्शन कटे हुए हैं। शहर में मीटर रीडिंग में कम-ज्यादा यूनिट आने की आए-दिन शिकायतें रही हैं। निगम कार्यालय में रोजाना 10 से 15 शिकायतें रही हैं। इस पर दोबारा कर्मचारी भेजकर जांच कराई जाती है।
हाथो हाथ बिल, मीटर बंद या जलने का पता भी चलेगा
फोटो रीडिंग व्यवस्था शुरू होने से लोगों को हाथोहाथ बिल मिल जाएगा। दरअसल स्टॉफ के पास
मोबाइल प्रिंटर रहता है। मोबाइल से मीटर रीडिंग की फोटो लेता है।
वर्तमान यूनिट फीड कर मौके पर ही बिल जारी कर दिया जाता है। प्रिंटर से बिल निकलते ही फोटो सहित नेट पर अपडेट हो जाता है। मौके पर ही बिल जारी होने से यूनिट कम-ज्यादा की शिकायत नहीं रहेगी। मीटर बंद या जलने का भी पता चल सकेगा।
2. वास्तविक यूनिट का पता चलेगा, चोरी पर अंकुश लगेगा
फोटो रीडिंग शुरू होने पर मीटर की वास्तविक यूनिट का पता चल सकेगा। कई बार मीटर बंद होने के बावजूद औसत बिल जारी किए जाते हैं। इससे सही उपभोग का पता नहीं चलता और कई बार तो लंबे समय तक औसत बिल आता रहता है। फोटो रीडिंग शुरू होने पर कर्मचारियों की मिलीभगत या मीटर बंद दिखाकर बिजली चोरी पर अंकुश लग सकेगी।