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जीर्णशीर्ण कक्षों में कैसे हो पढ़ाई

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | दौसा (ग्रामीण)

बालिकारामावि लवाण में छात्राओं को कमरोंं के अभाव में रोजाना जान जोखिम में डालकर जीर्ण शीर्ण भवन में पढ़ना पड़ रहा हैं। मजेदार बात यह है विभागीय प्रशासनिक अधिकारियों सार्वजनिक निर्माण विभाग के इंजीनियरों की ओर से जांच रिपोर्ट में स्कूल के भवन को जीर्ण शीर्ण ही नहींं माना, बल्कि कभी भी गिरने का अंदेशा जताकर अनहोनी होने की आशंका जताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी प्रधानाध्यापिका को बालिकाओं को जीर्ण शीर्ण कमरों में नहीं बिठाने के आदेश जारी कर ग्राम पंचायत को पुराना पंचायत भवन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके डेढ़ माह बाद भी भवन उपलब्ध नहीं कराया गया हैं। विद्यालय प्रशासन बालिकाओं को जीर्ण शीर्ण भवन में अध्ययन करा रहा हंै। प्रधानाध्यापिका सुमित्रा गोस्वामी ने बताया कि स्कूल में दस कक्षाओं की छात्राओं के लिए मात्र तीन कमरे हैं, जिनमें छत से रोजाना चूना उड़कर गिरता रहता है। जानकारी के अनुसार करीब चालीस वर्ष पहले बना भवन पूरी तरह से जीर्ण शीर्ण पड़ा हुआ है। दसवीं तक 260 बालिकाएं अध्ययनरत हैं। सर्दी गर्मी या बरसात में छह कक्षाओं की बालिकाओं को खुले आसमां तले बैठकर पढ़ने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है।

आदेशवापस लिया

इसबार में प्रधानाध्यापिका सुमित्रा गोस्वामी का कहना है कि निरीक्षण के दौरान तहसीलदार कलेक्टर ने भी भवन को पूरी तरह से जीर्ण शीर्ण मानकर अनहोनी की आशंका जताकर सीनियर माध्यमिक विद्यालय में संचालित करने के निर्देश जारी किए थे। इस पर कुछ माह सीनियर स्कूल में कक्षाएं संचालित की, लेकिन गत माह सीनियर स्कूल के प्रधानाध्यापक ने आदेश जारी कर वापस भेज दिया, जिसकी सूचना जिला शिक्षा अधिकारी को दे दी गई थी। उनसे मार्गदर्शन भी मांगे गए थे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

रिपोर्टमें अनुपयोगी

तहसीलदारब्रह्मानंद शर्मा का कहना है कि भवन जीर्ण शीर्ण है। जेईएन से भवन की जांच कराई गई थी। इसकी रिपोर्ट में भवन अनुपयोगी कभी भी गिरने का अंदेशा जताया था।

जांचकराएंगे

डीईओओमप्रकाश शर्मा का कहना है कि मामले की मुझे जानकारी नहीं हैं। जांच कराकर स्कूल अन्य जगह शिफ्ट कराया जाएगा।

दौसा ग्रामीण. बालिकाराजकीय माध्यमिक विद्यालय लवाण में जर्जर कक्षा-कक्ष।