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स्कूल मर्ज का विरोध, कलेक्ट्रेट पहुंचे लोग
कक्षाओं का बहिष्कार कर जताया विरोध-प्रदर्शन
शिक्षक सूचनाओं में व्यस्त, स्कूल पर रहता है ताला
राप्राविभंडाना को मर्ज करने के विरोध में मंगलवार को छात्र एवं ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने स्कूल मर्ज करने के आदेश निरस्त करने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि राप्रावि भंडाना को सरकार के प्रावधानों के विपरीत रामावि में मर्ज कर दिया गया है। स्कूल की छात्र संख्या 63 है तथा सभी बालक एससी ओबीसी वर्ग के हैं। यह स्कूल महावर जाति की बस्ती में संचालित है। स्कूल के पास 80 एयर भूमि, पर्याप्त भवन, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय रसोई घर है। पीने के लिए हैंडपंप भी लगा हुआ है। सभी सुविधाएं होने के बाद भी स्कूल को दो किमी दूर माध्यमिक विद्यालय में मर्ज कर दिया गया है, जिससे पहली दूसरी कक्षा के बच्चे शिक्षा से वंचित हो गए हैं। कलेक्टर को ज्ञापन देने वालों में निहाल सिंह, नाथू सिंह, सरपंच बीना बैरवा, गोविंद सहाय, उमा देवी, शंभूदयाल, भूली देवी, सरदार सिंह, रामराय गुर्जर, रमेश कुमार, लखन वर्मा, भगवान सहाय, अमरसिंह, मूलचंद महावर, अमित कुमार, सूरज महावर, निखिल महावर, संजना, गिरिराज महावर, काजल महावर, अन्नू वर्मा, प्रिया वर्मा, टीना पांचाल, कोमल सैनी, रवीना सैनी, पप्पू माली, कालू आदि छात्र मौजूद थे।
स्कूलका रास्ता नहीं होने के विरोध में प्रदर्शन
पापड़दा | राउप्राविखवारावजी तालुका ढाणी के छात्रों को स्कूल जाने के लिए रास्ता नहीं होने के विरोध में मंगलवार को ताला लगाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1998 में स्कूल खुला था। उस दौरान मूलचंद शर्मा ने स्कूल भवन के लिए जमीन दान की थी। भवन निर्माण के बाद भी एक अन्य व्यक्ति ने स्कूल के सामने एक बीघा जमीन गत वर्ष और दे दी। दुबारा दी गई जमीन से सटकर नया कुआं ढाणी के बीच में मात्र 100 फुट के करीब ढाणीवासियों द्वारा जमीन और दे दी जाए, तो स्कूल जाने का रास्ता सुलभ हो जाए। कई बार स्कूल जाने का रास्ता भी बंद कर दिया जाता है। प्रधानाचार्य लक्ष्मीनारायण मीणा ने बताया कि स्कूल के लिए रास्ता कटा हुआ नहीं है। इससे बालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल में पोषाहार भी 200 मीटर दूर से सिर पर रखकर लाया जाता है। स्कूल भवन निर्माण के लिए सामग्री लाने में परेशानी होती है।
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