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चरस तस्कर को 10 साल की कैद और एक लाख रुपए का जुर्माना

7 वर्ष पहले
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सेशन न्यायाधीश ने सुनाया फैसला

कार्यालयसंवाददाता | दौसा

चरसतस्करी के 4 साल पुराने एक मामले में दोषी व्यक्ति को 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही एक लाख रुपए जुर्माना भी किया है। फैसला बुधवार को सेशन न्यायाधीश ने सुनाया। दोषी व्यक्ति अलवर के टहला थानांतर्गत सकट का कमलेश पुत्र रामस्वरूप सैनी है।

एसओजी जयपुर के डीएसपी हरिमोहन शर्मा को 4 अक्टूबर-10 को मुखबिर से सूचना मिली कि कोलवा थाना इलाके से कुछ बदमाश हथियारों की तस्करी कर रहे हैं। इस पर 5 अक्टूबर शाम को डीएसपी हरिमोहन शर्मा टीम के साथ रामपुरा बालाजी मोड़ पहुंचे। वहां पहुंचकर मोबाइल से कोलवा थानाधिकारी को सूचना दी गई। कोलवा थाने से एसआई रामनिवास, हेड कांस्टेबल दानसिंह, कांस्टेबल चंद्र मोहन, मोहन सिंह, भीम सिंह, राजेश कुमार रामपुरा बालाजी मोड़ पहुंचे। रात करीब 8:15 बजे चेकिंग के दौरान एक दुबला पतला व्यक्ति दिखा दिया। वह कुर्ता पायजामा पहने हुए था तथा उसके कंधे पर एक प्लास्टिक का सफेद रंग का कट्टा था। पुलिस को देखकर वह भागने लगा तो पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछने पर उसने खुद का नाम कमलेश पुत्र रामस्वरूप सैनी निवासी सकट थाना टहला बताया। कट्टे में क्या है। पुलिस ने पूछा तो कमलेश ने जवाब दिया बिस्कुट के पैकेट हैं। कट्टा खोला तो उसमें 60 नग चौकोर पैकिट निकले, जिनके ऊपर पॉलीथिन का कवर लिपटा हुआ था। पैकिट खोलकर देखे तो उनमें चरस निकली, जिसका वजन 300 ग्राम था। कमलेश के पास चरस रखने का लाइसेंस नहीं था। चरस बरामद कर पुलिस ने कमलेश को गिरफ्तार कर लिया। मामला कोर्ट में पहुंचा। सरकार की तरफ से लोक अभियोजक कमलेश बोहरा ने मामले की पैरवी की तथा दोषी को सजा कराई। फैसला बुधवार को सेशन न्यायाधीश ब्रजेश कुमार डांगरा ने सुनाया। इसमें चरस तस्कर कमलेश सैनी को 10 साल की कठोर कैद तथा एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।