मृतक की पत्नी को तीन लाख का बीमा देने के आदेश
दौसा | पेड़से गिरकर व्यक्ति की मौत के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच ने बीमा कंपनी का सेवादोष मानते हुए मृतक की प|ी को तीन लाख रुपए बीमा राशि, 10 हजार मानसिक क्षतिपूर्ति दो हजार परिवाद खर्च का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। मंच के अध्यक्ष बृजमोहन बंसल, सदस्य शोभना गुर्जर ने ये आदेश सहसपुर निवासी मनफूली देवी की याचिका पर दिए हैं।
थूमड़ी में पेड़ की टहनी काटते समय रामकिशन मीणा की मौत हो गई थी। रामकिशन चोला मंडलम बीमा कंपनी में तीन लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा वाहन दुर्घटना बीमा सहित दो पॉलिसियों में बीमित था। 15 जनवरी 2014 को वह थूमड़ी में नीम के पेड़ पर चढ़कर टहनी काटते समय पांव स्लिप हो जाने से जमीन पर गिरा, जिससे उसकी पसलियां टूट गई। उपचार के बाद 16 जनवरी 2014 को उसे जयपुर रेफर कर दिया, जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना मृतक की प|ी ने बीमा कंपनी को दे दी, लेकिन बीमा कंपनी ने 27 मार्च 2014 को क्लेम खारिज कर दिया, जिससे व्यथित होकर मनफूली देवी ने एडवोकेट रूपनारायण मीणा की मदद से जिला उपभोक्ता मंच का दरवाजा खटखटाया। चोला मंडलम बीमा कंपनी से क्षतिपूर्ति राशि की मांग की, जबकि मृतक टाटा एआईए बीमा कंपनी में भी बीमित था। टाटा कंपनी ने घटना की सूचना मिलने पर 10 अप्रैल 2014 को ही क्षतिपूर्ति राशि जारी कर दी, लेकिन चोला मंडलम कंपनी ने बीमा राशि नहीं दी। इस पर जिला उपभोक्ता मंच ने परिवाद स्वीकार कर उसे तीन लाख की बीमा राशि अदा करने के आदेश प्रदान किए। मंच ने यह भी कहा कि आदेश की पालना एक माह में हो तथा बीमा कंपनी द्वारा क्लेम राशि के खारिज किए जाने की तारीख 27 मार्च 2014 से परिवादिया को 9 फीसदी की दर से ब्याज राशि भी अदा करें। बीमा कंपनी की ओर से परिवादिया को शारीरिक मानसिक वेदना की क्षतिपूर्ति के 10 हजार 2 हजार परिवाद खर्च भी अदा किया जाए।