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अब जननी सुरक्षा के चालक खुद पहुंचेंगे प्रसूता को लेने

7 वर्ष पहले
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दौसा (ग्रामीण)। गर्भवती महिलाओं के लिए खुश खबरी है। ग्रामीण क्षेत्र दूर दराज के इलाकों में रहने वाली प्रसूताओं को अब प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाने के लिए निजी वाहन चालकों के सामने नहीं गिड़गिड़ाना नहीं पड़ेगा। जननी एक्सप्रेस को फोन करने से भी छुटकारा मिलेगा। जननी एक्सप्रेस का चालक हर सात दिन में प्रसूता एएनएम के संपर्क में रहकर पूरी जानकारी रखेगा। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए आदेश जारी किए गए हैं।
आदेश के अनुसार जननी एक्सप्रेस के चालक उनके क्षेत्र में 45 दिनों के अंदर गर्भवती महिलाओं की पूरी जानकारी रखने निर्देश दिए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भांडारेज के डॉ.नाज हैदर ने बताया कि सोमवार को नए आदेश मिले थे। अस्पताल के अधीन आने वाले उप स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों आशा सुपरवाइजर के अलावा गर्भवती महिलाओं के प्रसव संबंधित जानकारी जननी एक्सप्रेस के चालकों भी रखनी होगी। नये आदेशों में 45 दिनों के भीतर होने वाले प्रसवों को इंद्राज कर जानकारी रखनी होगी साथ ही सात दिनों में प्रसूता परिजनों से मिलना होगा।
ये होगा फायदा :पहले गर्भवती महिलाओं की जानकारी एएनएम के पास रहती थी। एएनएम समय-समय पर गर्भवती महिलाओं से मिलकर उनसे जानकारी लेती थी तथा आवश्यकतानुसार सुझाव देती थी, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर संपर्क नहीं हो पाता था। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन जननी एक्सप्रेस चालक को सूचना देते थे। कई बार फोन नहीं मिलने पर निजी वाहनों में ले जाना पड़ता था। अब जननी एक्सप्रेस के चालकों को पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे कोई समस्या नहीं आए।
आदेश सभी केंद्रों पर भेज दिए
''नएआदेश मिले हैं। जननी एक्सप्रेस के चालकों को प्रसूताओं की पूरी जानकारी रखनी होगी। आदेश सभी केंद्रों पर भेज दिए हैं।'' डॉ.ओ.पी.बैरवा,सीएमएचओ,दौसा
शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी: ''45दिन तक चालक को प्रसूता के परिजनों से संपर्क में रहना होगा। संस्थागत प्रसव में बढोतरी शिशु मृत्यु दर में कमी के लिए यह आदेश कारगर होंगे। '' डॉ.लोकेश गुप्ता, पीएचसीकुंडल ।

ड्राइवर जिम्मेदार: ''पहले गर्भवती महिलाओं की जानकारीे एएनएम के पास रहती थी। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन जननी एक्सप्रेस को सूचना देते थे। कई बार फोन नहीं मिलने पर निजी वाहनों में ले जाना पड़ता था। अब जननी एक्सप्रेस के चालकों को पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिम्मेदारी तय होने से अब चालक किसी प्रकार का बहाना भी नहीं बना सकते है। ऐसे में चालक की जिम्मेदारी होगी कि वह प्रसूता को अस्पताल पहुंचाए।''डॉ.नाज हैदर, चिकित्सकसामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भांडारेज।
खुश खबरी : 45दिन के भीतर होने वाली डिलीवरी की रखेंगे जानकारी, हर सात दिन में महिला एएनएम से ली जाएगी खैर-खबर।
(फोटो : प्रतीकात्मक)