देवी आराधना पर्व
कुश के वंशजों ने बनाया शक्ति पीठ
दौसा| किलेमें स्थित दुर्गा मंदिर जिले का प्राचीन शक्ति पीठ है। भगवान राम के पुत्र कुश के वंशज कुशवाहा या कछावाहा राजाओं ने राजधानी दौसा के किले में यह मंदिर बनाया था। कालांतर में मंदिर जीर्ण-शीर्ण हो गया। वर्ष 1976 में मंदिर के पीछे खंडित अवस्था में लोगों को दुर्गा की प्रतिमा मिली। पं.हर्षनारायण शास्त्री रामसहाय जाकड़ ने 1977 में इस मंदिर में दुर्गा की नई मूर्ति की स्थापना कराई। इसके बाद मंदिर की महिमा और बढ़ गई। नवरात्र में यहां लोगों का तांता लगा रहता है। एक दशक पूर्व भठिंडा के मौनी बाबा के सान्निध्य में यहां सहस्त्र चंडी यज्ञ का आयोजन किया गया। मंदिर के सामने 9 कुंडीय स्थाई यज्ञशाला बनी हुई है। मंदिर में बालक दास महाराज के सान्निध्य में साधु-संतों द्वारा गो सेवा का कार्य भी किया जा रहा है।
दौसा. दौसाकिले में स्थित दुर्गा माता का मंदिर।