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कंप्यूटराइज्ड रिकॉर्ड रूम की बिल्डिंग तैयार, उद्‌घाटन नहीं होने से अटका काम

6 वर्ष पहले
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ट्रांसपोर्ट रिपोर्टर. जयपुर | झालानाडूंगरी आरटीओ ऑफिस में दो साल से तैयार रिकॉर्ड रूम की बिल्डिंग का उद्‌घाटन नहीं होने से कंप्यूटराइजेशन का काम अटक गया है। परिवहन विभाग ने तीन साल पहले 11 आरटीओ ऑफिसों के रिकॉर्ड को कंप्यूटराइज्ड करने के लिए 12.34 करोड़ रु. नई बिल्डिंग के लिए स्वीकृत किए थे। बिल्डिंग का रखरखाव नहीं होने से छत पर पानी की टंकियों के कारण सीलन गई है। फिलहाल ऑफिस में रिकॉर्ड रखने के लिए प्रर्याप्त जगह नहीं होने से बेसमेंट की गैलरी में अव्यवस्थित रखा हुआ है। अगर दस साल पुरानी किसी गाड़ी की फाइल तलाश की जाए, तो मिलना बड़ा मुश्किल है। कई जगह तो फाइलें और रजिस्टर बारिश में भीग जाते हैं।

रिकॉर्ड रूम कंप्यूटराइज्ड होने के बाद आरटीओ के कर्मचारी फाइल नहीं मिलने का बहाना नहीं करेंगे। लोगों को गाड़ियों की जानकारी जल्दी मिलेगी। रिकॉर्ड रूम में फाइलों और रजिस्टरों पर गाड़ी और कोड नंबर अंकित होंगे, जो कंप्यूटर में दर्ज होगा। कोड नंबर के आधार पर फाइल तलाश की जाएगी। अगर कोड से फाइल नहीं मिलती है तो गाड़ी नंबर से उसे तलाश जाएगा।



इन ऑफिसों का होना था कंप्यूटराइजेशन: प्रथम चरण में जयपुर, दौसा, सीकर, अलवर, अजमेर, जोधपुर, पाली, उदयपुर, चित्तौडगढ़, कोटा और बीकानेर।