आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाया
बाड़ी निवासी मृतका नीलम नहीं थी स्वाइन फ्लू पीड़ित
जांच नवीनतम तकनीक से करें : कलेक्टर
विगत3 फरवरी को स्वाइन फ्लू की संदिग्ध रोगी महिला की इलाज के लिए जयपुर ले जाते समय रास्ते में दौसा के पास मौत हो गई थी। जिसका कारण प्रथम दृष्टया स्वाइन फ्लू से मौत माना जा रहा था। लेकिन महिला की मौत स्वाइन फ्लू से नहीं हुई थी। इसका खुलासा जांच रिपोर्ट में हुआ है।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक महिला स्वाइन फ्लू से पीड़ित नहीं थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजेश मित्तल ने बताया कि विगत 3 फरवरी को बाड़ी निवासी महिला नीलम बंसल प|ी सतीशचंद्र बंसल की तबीयत खराब होने पर डॉ. मंगलसिंह सामान्य चिकित्सालय में दिखाने आई थी। जिसे लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू का संदिग्ध रोगी मानते हुए स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती किया गया। जिसके नमूने लेकर जांच के लिए जयपुर भिजवाए गए। दोपहर बाद नीलम की तबीयत बिगड़ने से उसे रैफर कर दिया। जिसकी जयपुर ले जाते समय रास्ते में दौसा के पास मौत हो गई थी। मृतिका नीलम की 13 वर्षीय पुत्री अनुष्का 23 वर्षीय भतीजी शिल्पी में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर 6 फरवरी को मेडिकल टीम ने स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कराकर नमूने लिए थे। जयपुर से आई गड़रपुरा निवासी एक युवती शहर के कायस्थपाड़ा निवासी कुसुम प|ी गोपाल के भी स्वाइन फ्लू के संदिग्ध लक्षण मिले थे। जिनके नमूने लेकर जांच के लिए जयपुर भिजवाए गए। जिनमें से किसी भी मरीज को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि नहीं हुई है। सभी जांचों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
^स्वाइनफ्लू के पांच संदिग्ध रोगियों के नमूने लेकर जांच के लिए जयपुर भिजवाए थे। जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
-डॉ.राजेश मित्तल, मुख्यचिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, धौलपुर