आईटीआई के झुलसे छात्र की मौत
पहचानपत्र (आईडी) के अभाव में परीक्षा से वंचित किए आईटीआई के छात्र की गुरुवार आधी रात बाद जयपुर में मौत हो गई। परिजनों ने छात्र की मौत के लिए वीक्षक अन्य स्टाफ को दोषी ठहराया है।
मृतक के बड़े भाई ने शुक्रवार को कोलवा थाने में वीक्षक स्टाफ के खिलाफ आईडी के नाम पर प्रताड़ित करने का मामला दर्ज कराया है। कालोता निवासी संतोष पुत्र सीताराम शर्मा ने कोलवा थाने में रिपोर्ट दी कि उसके छोटे भाई मोहनलाल का आईटीआई परीक्षा का सेंटर रेलवे स्टेशन राउमावि दौसा में था। वह गुरुवार सुबह परीक्षा देने गया था। उसके पास आईडी के तौर पर आधार कार्ड की फोटो प्रति तथा प्रवेश पत्र की कालेज से प्रमाणित मूल प्रतिलिपि थी। इसके बावजूद वीक्षक अन्य स्टाफ ने मूल आईडी के नाम पर मोहन लाल को प्रताड़ित किया और उसे परीक्षा में बैठने नहीं दिया। परीक्षा में बैठने से वंचित होने से मोहन लाल टेंशन में गया और उसने कालोता घर पहुंचकर आग लगा ली।
करीब 90 फीसदी झुलसे मोहनलाल को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां से तुरंत जयपुर रेफर कर दिया। उपचार के दौरान गुरुवार रात 2 बजे के करीब जयपुर में एसएमएस हॉस्पिटल में मोहन लाल की मौत हो गई। भाई की मौत के लिए संतोष शर्मा ने वीक्षक अन्य स्टाफ को दोषी ठहराते हुए शुक्रवार को कोलवा थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
विदित रहे कि मोहन लाल शर्मा सोमनाथ चौराहा के आशीष आईटीआई कालेज का छात्र था। उसकी गुरुवार को फ़र्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा थी। परीक्षा सेंटर रेलवे स्टेशन राउमावि में आया, जहां कमरा नंबर-20 में उसकी सिटिंग व्यवस्था थी। कमरा नंबर-20 में गुरुवार को सतीश गुप्ता वीक्षक थे। कोलवा थानाधिकारी का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर ली है। मृतक का पिता सीताराम शर्मा कलेक्ट्रेट में सहायक कर्मचारी है, जो एनआईसी विभाग में कार्यरत है।
मृतक मोहनलाल।