कोटा /श्रीगंगानगर । कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच दिन में कई बार झड़पें हुईं। संजय नगर में पोलिंग बूथ के सामने से निकल रहे भाजपा के श्रीकरणपुर विधायक सुरेंद्र पाल सिंह टीटी की कार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रोककर हमला कर दिया। ड्राइवर कार छोड़कर भाग गया तो वहां के थानाधिकारी ने कार चलाकर विधायक को मुश्किल से भीड़ में से निकाला।
भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता के साथ और कांग्रेस सेवादल के पदाधिकारी के साथ मारपीट हुई। तीनों मामलों में पुलिस ने नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। हालांकि किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। उपचुनाव में 61 फीसदी वोटिंग हुई। वोटिंग खत्म होने के बाद भाजपा विधायक पर हमले के विरोध में रात को जवाहर नगर थाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले समझाया फिर घेरा: आचारसंहिता में प्रतिबंध होने के बावजूद भाजपा विधायक सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को वार्ड 27 के संजय नगर पोलिंग बूथ पर देखकर कांग्रेस कार्यकर्ता नाराज हो गए।
कांग्रेसके पीसीसी सदस्य राजेन्द्र सांखला, आबिद कागजी, बाबा रजाक ने विधायक को समझाया कि आचार संहिता है वे यहां से चले जाएं। तब तो विधायक चले गए, लेकिन थोड़ी देर बाद फिर से वहां पहुंचे। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। किसी ने पथराव किया, जिससे वाहन के कांच टूट गए। यह देख चालक भाग गया। बाद में विज्ञाननगर सीआई रामनाथ गुर्जर ने कार चलाकर विधायक टीटी को बाहर निकाला। उनके चालक हरभजन ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाया है। इस बीच जैसे ही विधायक पर हमले की जानकारी मिली, सांसद ओम बिरला, विधायक चंद्रकांता मेघवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विधायक टीटी को भाजपा ने कोटा में वार्ड 27 की जिम्मेदारी दी हुई थी। वे पिछले 7 दिन से यहां कैंपेनिंग कर रहे थे।
चालकने कहा, विधायक के रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे : गाड़ी कोटा निवासी भाजपा कार्यकर्ता
हरभजन सिंह की है। कोटा पुलिस ने हमले के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। विधायक के वाहन के ड्राइवर अनिल बिश्नोई का कहना है कि सुबह वह गाड़ी में हरभजन सिंह, विधायक टीटी, श्रीकरणपुर निवासी गुरमीतसिंह को लेकर विधायक टीटी के रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे। तब चौराहे पर खड़े कांग्रेस कार्यकर्ता गाड़ी के आगे गए। गाड़ी रोकी तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गाड़ी को घेर लिया। तब उन्होंने गाड़ी के शीशे विंडो लॉक कर लिए। इसी दौरान कुछ लोगों ने पथराव कर दिया।
प्रचार की वजह से पहचान लिया : अनिल बिश्नोई के अनुसार गाड़ी पर भाजपा का झंडा, स्टीकर प्रचार की अन्य सामग्री नहीं लगी थी। जिस क्षेत्र में हमला हुआ वहां वे कई बार प्रचार के लिए जा चुके थे। इसी वजह से कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें पहचानते थे।
राज्य की चार सीटों पर 65.23% वोटिंग
टीटी ने कहा-कार का एसी ठीक कराने जा रहा था
मेरेबेटे ने नई गाड़ी खरीदी है। उसका एसी खराब हो गया था, ठीक करवाने जा रहा था, तभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। मैं तो कोई प्रचार भी नहीं कर रहा था, ही वाहन से उतरा। कांग्रेसी बौखलाहट में यह काम कर रहे हैं।
-सुरेंद्रपालसिंह टीटी, विधायक
सच्चाई:जिसकार में तोड़फोड़ हुई वह टीटी के रिश्तेदार की है। उनका बेटा भी कोटा में नहीं रहता है।
...और पलट गए सीआई
घटनाके बाद: सीआईरामनाथ गुर्जर ने बताया कि विधायक टीटी को कार चलाकर उन्होंने फ्लाईओवर पर छोड़ दिया।
शाम को: बादमें बोले कि कहा कार तो वे चला रहे थे, लेकिन उसमें कौन बैठा था, मैं नहीं जानता।
कोटा | हमले के बाद विरोध जताते विधायक चंद्रकांता मेघवाल भाजपा कार्यकर्ता, पथराव से क्षतिग्रस्त कार।