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खुश रहने से उत्तम रहता है स्वास्थ्य

7 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता| श्रीगंगानगर.

खुशरहने से मनुष्य का स्वास्थ्य उत्तम रहता है। जो लोग अपने मित्रों और परिजनों के साथ जितना हंसते खेलते रहते हैं उनका जीवन उतना ही सुखी और आरोग्य बीतता है। इसके पीछे आआध्यात्मिक िक कारण तो होते ही हैं साथ ही वैज्ञानिक तौर पर भी यह बात सटीक बैठती है। यह बात प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित \\\"वाह जिंदगी वाह\\\' कार्यक्रम के दूसरे दिन राजयोगी और ब्रह्मकुमार प्रोफेसर ईवी स्वामीनाथन ने कही। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।

जब कोई व्यक्ति बीमार होता है और अगर उसका चिकित्सक उसके पास जाकर हंसता है और उसे उत्साहित करता है तो वह मरीज जल्दी स्वास्थ्य हो जाता है। वहीं अगर उसका उत्साह टूट जाता है तो मामूली सी बीमारी भी ठीक होने में महीनों का समय ले लेती है। भोजन करते समय ध्यान केवल भोजन पर ही केंद्रित होना चाहिए। अगर भोजन के समय ध्यान इधर-उधर भटकता है तो वो सारा भोजन व्यर्थ हो जाता है क्योंकि उस आहार से मिलने वाला लाभ आधे से भी कम रह जाता है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के अनुसार स्वस्थ शरीर के लिए शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक होता है। ध्यात्म इसका सबसे महत्वपूर्ण अंश होता है। किसी भी विषय को पूरी तरह से जानना है तो उसकी बेसिक जानकारी होनी बहुत जरूरी होती है। ध्यान के माध्यम से ही अध्यात्म को पाया जा सकता है। इस दौरान अपने माता-पिता के साथ आए बच्चों ने भी ध्यान शिविर का लाभ उठाया।

श्रीगगानगर. सिटी गार्डन में अायोजित मेडिटेशन शिविर मे मौजूद लोग।