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मिनी सचिवालय का नक्शा एस्टीमेट बनने की प्रक्रिया शुरू

7 वर्ष पहले
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शहरकेबड़े प्रोजेक्ट मिनी सचिवालय का नक्शा एस्टीमेट बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले प्रशासन ने सब विभागों से मिनी सचिवालय में उनके कार्यालय कमरों की जरूरत जानी थी। अब सबकी जरूरतें आने के बाद प्रशासन ने मिनी सचिवालय का नक्शा एस्टीमेट बनाने के लिए सहायक नगर नियोजक को निर्देश दिए हैं। सरकार से बजट लेने के लिए एस्टीमेट रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी। सचिवालय में 20 से ज्यादा विभाग एक ही छत के नीचे होंगे और 150 से ज्यादा कमरे हॉल वहां बनेंगे।

सूत्रों के अनुसार अभी श्रीगंगानगर में सब विभाग अलग-अलग जगहों पर हैं और काफी कार्यालय तो किराए के कमरों में चल रहे हैं। वाणिज्यिक कर सहित कई विभाग तो ऐसे हैं, जो बड़ी बिल्डिंग के अभाव में एक ही शहर में तीन-तीन जगह चल रहे हैं। इसलिए शहर में लंबे समय से मिनी सचिवालय की मांग हो रही थी। इस साल प्रशासन ने राज्य सरकार को मिनी सचिवालय का प्रस्ताव भेजा था, जिसे सरकार ने मंजूर कर लिया। सरकार ने बजट में शुगर मिल भूमि पर मिनी सचिवालय बनाने की घोषणा की है।

सरकार की घोषणा के बाद प्रशासन ने पहले तो सब विभागों से उनके कमरों संबंधी जरूरतें जानी थी। अब सभी विभागों की रिपोर्ट आने के बाद उसका एस्टीमेट तैयार हो रहा है कि मिनी सचिवालय पर कितनी लागत आएगी। यह जिम्मा शहर के सहायक नगर नियोजक को सौंपा गया है। मिनी सचिवालय में कलेक्ट्रेट, रसद, महिला, पुलिस, वाणिज्यिक कर, सीएमएचओ, आबकारी सहित कई विभागों को एक ही छत के नीचे लाया जाएगा। हालांकि यह बनना तभी शुरू होगा, जब शुगर मिल शहर से कमीनपुरा में शिफ्ट हो जाएगी। कमीनपुरा में अभी नई शुगर मिल बनने में एक से दो साल का समय लगेगा।