श्रीगगानगर. मेरी सासू मां आशा सहयोगिनी और समाज सेविका होने से वार्ड में परिवार की पहचान है। अगर भाजपा की टिकट मिल गई तो मैं जीत जाऊंगी। वार्ड नंबर 44 से एक दावेदार ने टिकट के लिए जमा कराए आवेदन में इस तरह की दलील दी है। ‘भास्कर’ ने भाजपा के नगर मंडल कार्यालय और चुनाव प्रभारी अजयपाल सिंह को नगरपरिषद चुनाव में टिकट के लिए मिले करीब 400 आवेदनों को खंगाला तो दावेदारों की ओर से दी गई अजीब दलीलें देखने का मिलीं।
जिले के दौरे पर आए भाजपा के चुनाव प्रभारी आवासन मंडल के पूर्व अध्यक्ष अजयपाल सिंह ने रविवार सुबह सर्किट हाउस में तीन घंटे तक टिकट के दावेदारों से मुलाकात की। दावेदारों ने प्रभारी अजयपाल सिंह से अलग-अलग मिलकर अपना दावा रखा।
प्रभारी ने कहा कि चुनाव कमेटी बनेगी, वह ही टिकट के आवेदनों पर विचार करेगी। आवेदन वहीं जमा करवाना। फिर भी काफी लोगों ने प्रभारी भाजपा पदाधिकारियों को आवेदन पकड़ा ही दिए।
दशहरे के बाद बन सकती है चुनाव कमेटी
नगर मंडल अध्यक्ष अनिल बहल के अनुसार दशहरे के बाद चुनाव प्रभारी फिर श्रीगंगानगर आएंगे। तब तक चुनाव कमेटी भी बन जाएगी। कमेटी में चुनाव प्रभारी, जिलाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, विधायक या विधानसभा चुनाव प्रत्याशी आदि शामिल होंगे। चुनाव कमेटी की घोषणा अगले दिनों में होने की संभावना है। कमेटी आवेदन लेगी और पैनल तैयार कर टिकटें फाइनल करने की कार्रवाई करेगी। कौन दावेदार जिताऊ है, यह जानने के लिए वार्डों में सर्वे भी कराया जाएगा।
कैसी-कैसी दलीलें
उम्र 45 वर्ष, लेकिन युवा हूं
वार्ड नंबर 48 से 45 वर्ष के एक व्यक्ति ने दावा जताया है कि वह 1990 से भाजपा से जुड़ा हुआ है। युवा होने के नाते वार्ड में उसकी पकड़ है।
ससुर तो कहीं पति का सहारा
वार्ड नंबर 8 से एक महिला दावेदार के अनुसार उसके ससुर वार्ड में 50 वर्ष से रहते हैं। इस प्रभाव के चलते उनकी जीत पक्की है। वहीं, वार्ड नंबर 44 से एक दावेदार का तर्क है कि वर्ष 2004 में उसके पति ने अपने सभी प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों की जमानत जब्त करवा दी थी। उनका प्रभाव अभी भी है।
मेरे तीन पार्षद पुत्र सेवा करेंगे
वार्ड नंबर 26 से एक पूर्व पार्षद की 75 वर्षीय सास ने भी अपना दावा जताया है। इस दावेदार के अनुसार पहले मेरी बहू पार्षद रही है। मेरे जीतने के बाद मेरे तीन पुत्र पार्षद पुत्र के रूप में लोगों की सेवा करेंगे। वहीं इस दावेदार की बहू ने भी दावा जताया है कि उसकी जेठानी पार्षद रह चुकी है।
वाजपेयी जी की मदद की
वार्डनंबर 40 से एक दावेदार ने भाजपा के प्रति अपनी निष्ठा के समर्थन में तर्क दिया है कि 1984 में उन्होंने ग्वालियर संसदीय सीट से पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की मदद की थी। तब वर्तमान केंद्रीय खानमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पार्षद थे। चाहे उनसे (तोमर) से पूछ लो।