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युवा बच्चे भी रहे ह्रदय राेग की चपेट में

7 वर्ष पहले
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कुछदूरपैदल चलने में हांफने और थोड़े से तनाव में ही यदि आपको घबराहट होने लगती है, तो सावधान हो जाएं। ये परेशानियां ह्रदय रोगों की पहली निशानी हैं। जीवनशैली में लगातार बदलाव, तनाव और व्यसनों के कारण जहां पहले लोग 40 पार की उम्र के बाद ह्रदय रोगों की चपेट में आते थे वहीं अब युवा 30 की उम्र में ही इसका शिकार हो रहे हैं।

इसके साथ ही छोटी उम्र में बच्चों में बढ़ता मोटापा भी ह्रदय रोगों का कारण बन रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो उम्र के हिसाब से वजन अधिक होने से 25 से 28 पार उम्र में ही ह्रदय रोगों की शुरुआत हो जाती है। ह्रदय रोगों के लिए बढ़ा कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, तनाव जिम्मेदार होते हैं।

कई बच्चों के दिन की शुरुआत ही मैगी, ब्रेड आदि से होती है और रात कोल्डड्रिंक पिज्जा सेवन के साथ खत्म होती है। इससे बच्चे मोटापे का शिकार हो रहे हैं और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से उनमें ह्रदय रोग उत्पन्न होते हैं। वहीं, दूसरी ओर युवा धूम्रपान और अव्यवस्थित जीवनशैली से इनके शिकार हो रहे हैं। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. महिपत सोनी ने बताया कि ह्रदय की बीमारी युवाओं में तेजी से बढ़ी है।

अस्पताल आने वाले 100 मरीजों में 30 ऐसे युवा होते हैं जिन्हें छाती में दर्द, कुछ दूर चलने पर हांफना, घबराहट पसीना आने की शिकायत होती है। ये परेशानियां ह्रदय रोगों की शुरुआत होती हैं।