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कुख्यात फरार अपराधी शहजाद की नागौर, जयपुर में हो रही है तलाश

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज|श्रीगंगानगर/नागौर

पूर्वविधायक नाथूराम सिनोदिया के पुत्र भंवर सिनोदिया की हत्या के मुख्य आरोपी शहजाद के बुधवार तड़के हनुमानगढ़-कोटा एक्सप्रेस से पुलिस को चकमा देकर भागने के मामले में कई नई बातें सामने आईं हैं। अपराधी को श्रीगंगानगर का एएसआई बलजीतसिंह चार सुरक्षाकर्मियों के साथ ट्रेन में लेकर रवाना हुआ था। फिलहाल अपराधी शहजाद की तलाश में सीकर, नागौर, जयपुर अजमेर पुलिस जुटी है। सूत्रों से पता चला है कि शहजाद भागने की कई बार प्लानिंग कर चुका था। उसने कड़ियां जोड़ते हुए इसकी तैयारी कर ली थी। इसमें शहजाद से जुड़े नागौर अजमेर के कुछ अपराधियों की भूमिका होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक हरीप्रसाद शर्मा ने बताया कि निलंबित एएसआई बलजीतसिंह, सुरक्षाकर्मी कुलदीप सिंह, राजवीर सिंह, नवल किशोर राजेंद्र अभी यहां नहीं आए। मामले की जांच सीओ सिटी राजेंद्र ढिढारिया को दी गई।

हथियारोंसे लैस थे पुलिसकर्मी, फिर कैसे भागा

कैदीको जयपुर ले जाते समय एएसआई के पास रिवॉल्वर दो चालानी गार्ड के पास एके 47 राइफलें थीं। इसके बावजूद डेगाना में कैदी शहजाद के ट्रेन से कूदकर भागने की बात पुलिस विभाग लोगों के गले नहीं उतर रही। चालानी गार्ड द्वारा चेन पुलिंग के बाद भी ट्रेन नहीं रुकना बताया जा रहा है, यह बात भी जीआरपी सच नहीं मान रही। डेगाना से मकराना के बीच 44 किमी की दूरी में तीन स्टेशन हैं। वहां से ट्रेन गुजरने के दौरान रेलकर्मी द्वारा कंट्रोलर को सूचना देते ही ट्रेन को रोका जा सकता था। मगर ऐसा नहीं हुआ। शुरुआती जांच में अंदेशा जताया जा रहा है कि कैदी शहजाद या तो डेगाना से पूर्व ही ट्रेन से उतर गया था, या फिर इसमें गहरी साजिश थी। पौन घंटे बाद श्रीगंगानगर पुलिस ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी और मकराना में जाकर चालानी गार्ड को जानकारी हुई। ऐसे तथ्यों के संबंध में श्रीगंगानगर की पुलिस चालानी गार्ड से जांच करेगी। मामला जीआरपी पुलिस थाना मेड़ता रोड में दर्ज हुआ है। ऐसे में नागौर जिले की पुलिस सहित जीआरपी पुलिस उसकी तलाश कर रही है।