पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • कहीं 28 स्टूडेंट पर दो शिक्षक तो कहीं 200 पर दो

कहीं 28 स्टूडेंट पर दो शिक्षक तो कहीं 200 पर दो

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिनविद्यालयों में शिक्षकों की संख्या पर्याप्त है वहां तो बच्चों का शैक्षिक स्तर काफी हद तक ठीक दिखा, लेकिन जहां शिक्षकों की कमी है, वहां काफी दिक्कतें सामने आई। संबलन अभियान के दूसरे दिन जब अधिकारियों ने जिले के स्कूलों का निरीक्षण किया। जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी थी वहां शैक्षणिक स्तर कमजोर दिखा। निरीक्षण में जानकारी मिली कि किसी स्कूल में 28 बच्चों पर दो शिक्षकों की तैनाती है तो किसी में 200 बच्चों पर मात्र दो ही शिक्षक हैं। ऐसे में टीचर्स को एक से अधिक कक्षाएं एक साथ पढ़ानी पड़ती हैं। इससे बच्चों की पढाई डिस्टर्ब होती है।

गणितमें अटके, हिंदी का दिया सही जवाब

राजकीयप्राथमिक विद्यालय नंबर 4

कुल बच्चे-28, उपस्थित- 13 शिक्षक-2

शास्त्रीबस्ती स्थित इस स्कूल में जिला उद्योग केेंद्र की जीएम मंजू नैण गोदारा ने स्टूडेंट्स की क्लास ली। बच्चों से बोर्ड पर उनका नाम लिखवाया, इसके बाद पहाड़े भी सुने। गणित के प्रश्नों में कई बच्चे उलझ गए, तो कुछ ने थोड़ा इंतजार कराने के बाद जवाब दिया।

यहांबच्चों ने फटाफट दिए जवाब

राजकीयउप्रा विद्यालय, रेगर बस्ती

छात्र-254, शिक्षक प्रधानाध्यापक सहित- 7

जिलापरिषद एसीईओ लालचंद पारीख रेगर बस्ती के इस सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूल में कक्षा सात के बच्चों से पूछा पानीपत का तीसरा युद्ध किसके बीच हुआ था तो तो फटाफट जवाब मिला- उन्होंने फटाफट जवाब दिया कि मुगलों और मराठों के बीच। इसके बाद अंग्रेजी की किताब का एक पैरा पढ़वाया दो बच्चों ने तो फटाफट पढ़ दिया, हालांकि एक छात्र का उच्चारण काफी खराब था। उससे स्टैंडिंग का अर्थ पूछा तो थोड़ी देर अटकने के बाद उसने जवाब दिया।

श्रीगंगानगर. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय एक छोटी में बच्चों से बोर्ड पर सवाल करवाते नगर परिषद आयुक्त प्रहलाद मीणा।