श्रीगंगानगर. बारिश से क्षतिग्रस्त हुई शहर की सड़कों को दीपावली से पहले दुरुस्त कर लिया जाएगा। निर्माण कार्यों के टेंडर 26 सितंबर को होंगे। फिर तुरंत वर्कऑर्डर जारी कर काम को ठेकेदार तेजी के साथ करेंगे।
एक सप्ताह से शहर में निर्माण कार्यों को बंद कर विरोध जता रहे ठेकेदारों की सभापति के साथ मंगलवार सुबह हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। सभापति ने ठेकेदारों को आश्वासन दिया कि बकाया पांच करोड़ रुपए के भुगतान में से साढ़े तीन करोड़ का भुगतान दो दिन तथा शेष भुगतान 15 दिन में कर दिया जाएगा। तब जाकर ठेकेदार काम करने को राजी हुए। सभापति सीता
सोनी ने कहा कि विवाद जैसी कोई बात नहीं थी। सड़कों को ठीक करवाने के लिए चर्चा हुई थी। पहले मुख्य मार्गों और फिर इंटरनल सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा।
नगरपरिषद के पास रुपए की कमी नहीं
नगरपरिषद के कोष में इस समय करीब साढ़े चार करोड़ रुपए हैं। चतुर्थ राज्य वित्त आयोग से दो करोड़ 83 लाख रुपए मिले हैं। वहीं पुरानी धानमंडी के पिड़ों के आवंटन से दो करोड़ रुपए से ज्यादा परिषद को मिले चुके हैं। अगर खर्च निकालने के बाद भी भुगतान किया जाए तो परिषद को कोई दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि करीब 22 करोड़ रुपए दुकानों से आने अभी बाकी हैं।
श्रीगंगानगर. पीडब्ल्यूडी के बेसिक शेड्यूल रेट बीएसआर की तर्ज पर सड़कों की गारंटी अवधि कम करने की मांग ठेकेदार लंबे समय से कर रहे थे। वह भी नगर परिषद में पीडब्ल्यूडी की तरह हो सकती है। ठेकेदारों की इस मांग पर सभापति ने अधिकारियों से चर्चा करने का आश्वासन दिया।
ठेकेदार नंदू मिड्ढा ने बताया कि पीडब्ल्यूडी में सीसी रोड की गारंटी अवधि तीन साल, कारपेट की एक साल रिपेयरिंग तीन महीने की है। नगरपरिषद में सीसी रोड पांच साल, कारपेट दो साल, रिपेयरिंग एक साल है।