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राजस्थान में स्वाइन फ्लू: सरकार ने एक साल से नहीं खरीदे फेस मास्क

6 वर्ष पहले
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हेल्थ रिपोर्टर | श्रीगंगानगर

प्रदेशभरमें स्वाइन फ्लू फैला है। अब तक कई लोगों की मौत भी हो चुकी, लेकिन स्वास्थ्य निदेशालय की बेफिक्री देखिए। निदेशालय ने स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सबसे अहम फेस मास्क ही एक साल से नहीं खरीदे। हालत यह है कि सब अस्पतालों में रिलीफ सोसायटी के बजट से फेस मास्क खरीदे जा रहे हैं। निदेशालय की यह बेफिक्री तब है, जब सरकार स्वयं प्रदेशभर में अलर्ट जारी कर चुकी है।

‘भास्कर’ ने सोमवार को प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालाें, ड्रग वेयर हाउस, स्वास्थ्य निदेशालय आरएमएससी के रिकार्ड को खंगाला तो बड़ा खुलासा यह हुआ कि सरकारी अस्पतालों में फेस मास्क तो हैं, लेकिन सब अस्पताल प्रभारियों ने मास्क अपने-अपने स्तर पर खरीदे हैं। स्वास्थ्य निदेशालय ने करीब एक साल से फेस मास्क के लिए आरएमएससी यानी राजस्थान मेडिकल सर्विस कार्पोरेशन को डिमांड ही नहीं भेजी है। लिहाजा आरएमएससी भी हाथ पर हाथ रखे बैठा है। आरएमएससी ने भी फेस मास्क के लिए तो टेंडर किए और ही इनकी खरीद की। शेष| पेज 9

चिंताजनकयह भी है कि स्वाइन फ्लू पर मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री, प्रमुख सचिव सहित सब अफसर बैठकें ले चुके, लेकिन किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं गया।



स्वाइन फ्लू में इसलिए जरूरी है फेस मास्क

एक्सपर्ट बताते हैं, स्वाइन फ्लू का वायरस हवा के जरिए ही सांस से शरीर में जाता है। जिससे स्वस्थ व्यक्ति भी स्वाइन फ्लू का शिकार हो सकता है। मास्क पहनने से वह वायरस अंदर नहीं जा पाता, जिससे स्वाइन फ्लू से बचाव हो जाता है।

वह सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं

मास्क के प्रकार : दो प्रकार के होते हैं, एक टू लेयर का जो कि सामान्य होता है। दूसरा थ्री लेयर का जो बाजार में एन-95 के नाम से मिलता है।

मास्क की लाइफ : टू लेयर मास्क की लाइफ अधिकतम 3 घंटे होती है, नमी आते ही यह खराब हो जाता है। एन- 95 की लाइफ 8 घंटे तक होती है।

बाजार में मूल्य : टू लेयर मास्क की कीमत 6 से 17 रुपए तक है जबकि एन-95 मास्क 110 से 150 रुपए तक का है।



अस्पतालाें ने खोली सरकार की सतर्कता की पोल

हमारे यहां मास्क 2013 में आए थे। इसके बाद डिमांड भेजी थी, लेकिन अब तक मास्क नहीं आए। अब हम अपने स्तर पर ही मास्क खरीद रहे हैं।

डा.दीपक तंवर, प्रभारी वेयर हाउस, पाली



हमारे अस्पताल में दो साल पहले मास्क आए थे। इसके बाद से अब तक सरकार ने एक भी मास्क नहीं भेजा।

डा.जीएस मीना, प्रभारी करौली



स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए हम अपने ही स्तर पर मास्क खरीद रहे हैं। सरकार की ओर से वर्ष 2013 के बाद से एक भी मास्क नहीं भेजा गया।

डा.भवानीशंकर गहलोत, वेयर हाउस प्रभारी बाड़मेर



निदेशालय ने ऑर्डर ही नहीं दिया : निदेशक़

फेस मास्क की सप्लाई को लेकर हमें स्वास्थ्य निदेशालय से ऑर्डर ही नहीं मिला है। निदेशालय जब हमें डिमांड और बजट देगा। तब हम टेंडर निकालेंगे। इसके बाद प्रदेशभर के अस्पतालों में फेस मास्क सप्लाई किए जाएंगे।

नवीन जैन, निदेशक राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन