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हनुमान चालीसा से सारे कष्टों का अंत होता है: स्वामी ब्रह्मदेव
श्रीगंगानगर. हनुमानचालीसा से बड़े से बड़े कष्टों का नाश हो जाता है। तुलसी दास जब मुगलों के कारागार में बंद थे उस समय भी वह हनुमान चालीसा का पाठ करते रहते थे। इसके लिए मुगलों ने उन्हें प्रताड़ित भी किया मगर वह अपने मार्ग से नहीं हटे और लगातार बजरंग बली की भक्ति करते रहे। यह बात एल ब्लाक हनुमान मंदिर में आयोजित भागवत कथा के चौथे दिन स्वामी ब्रह्मदेव ने कही। कथा के दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में मौजूद थे। हनुमान जी ने नि:स्वार्थ भाव से भगवान राम की भक्ति की और रावण के साथ युद्ध में उनका साथ दिया। यही भाव हर मनुष्य में होना चाहिए, जो मनुष्य ऐसा करते हैं भगवान की नजर में वह सारी दुनिया से अलग हो जाते हैं। फिर स्वामी मुदगल शास्त्री ने प्रवचन दिए। प्रवचन के बाद मंदिर प्रांगण में थाली बजाकर और शंखनाद के साथ भगवान कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया अौर सुंदर झांकियां सजाई गई।
श्रीगंगानगर. एल ब्लॉक हनुमान मंदिर में श्रीमदभागवत कथा श्रवण करते श्रद्धालु।
कथा करते श्रीश्रीराम मुदगल शास्त्री साथ में मंचासीन स्वामी ब्रह्मदेव।