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सफलता के लिए घर से बाहर निकलो: ब्रह्मऋषि
श्रीकरणपुर धानमंडी में समागम आज, तैयारियां पूरी
ब्रह्मऋषिकुमारस्वामी ने कहा कि घर से बाहर निकलने पर ही सफलता मिलती है। ग्रंथों में लिखा है, जहां व्यक्ति पैदा होता है वहां उसकी बातों को कम महत्व दिया जाता है। इसलिए संतों ने जहां जन्म लिया है, उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए। अपने जन्म स्थान के लिए वह सदा बच्चा ही होता है। मां उसे आखिर तक बच्चा ही मानेगी। इसके बावजूद मुझे मेरे जन्म स्थान से प्यार मिला और बढ़ चढ़कर माना गया। ब्रह्मऋषि ने अंधविद्यालय परिसर में मंगलवार को आयोजित प्रभु कृपा दुख निवारण समागम में प्रवचन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओंं को सफलता की यह कुंजी बताई।
समागम का समय शाम 5 से 8 बजे तक का था। लेकिन इसकी शुरुआत चार घंटे देरी से रात्रि 9 बजे हुई। आरंभ में ब्रह्मऋषि ने पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद समारोह के दौरान लोगों को आशीर्वाद दिया। किन्हीं कारणों से समागम देरी से शुरू होने के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के बजाय और बढ़ती गई।
श्रीगंगानगर. अंधविद्यालय परिसर में प्रवचन सुनते श्रद्धालु।
श्रीगंगानगर. अंधविद्यालय परिसर में प्रवचन करते ब्रह्मऋषि कुमार स्वामी।