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निरीक्षण में अफसर पहुंचे नहीं और जूनियर ने बना दी संबलन रिपोर्ट

6 वर्ष पहले
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गणितके पहाड़े हो या फिर पर्यायवाची शब्द राउमावि के अधिकतर स्टूडेंट ने फर्राटे से सभी प्रश्नों के जवाब दिए। कुछ स्टूडेंट सवालों के जवाब देने में असमर्थ नजर आए। इस स्कूल में एसडीएम कैलाश शर्मा ने बच्चों के बौद्धिक ज्ञान को परखा। उन्होंने शिक्षकों को हिदायत दी कि सभी स्टूडेंट को एक ही कैटेगरी में रखें। जो स्टूडेंट पढ़ाई में थोड़े कमजोर हैं, उन पर अलग से ध्यान दिया जाए।

अंग्रेजी पढ़ने में अटके स्टूडेंट

रामवि11 क्यू में बुधवार को डीईओ यशपाल असीजा ने शिक्षा व्यवस्था जांची। इस दौरान स्टूडेंट अपने ही पाठ्यक्रम की अंग्रेजी की पुस्तकें नहीं पढ़ पाए। वहीं कई स्टूडेंट ऐसे भी थे जिन्हें गणित के सवालों को हल करने में दिक्कत हुई। हिंदी विषय में इस स्कूल की स्थिति ठीक रही। व्याकरण के साथ ही हिंदी की कविताएं बच्चों ने बगैर रुके ही सुना दी। डीईओ असीजा ने बताया कि अंग्रेजी गणित में बच्चों को सुधार की जरूरत है।

यह थे प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण वाले विद्यालय

राउमाविनंबर 2 आरएस जाखड़, जिला कलेक्टर

रामवि, शुगर मिल वासुदेव मालावत, एडीएम

राबामावि नेतेवाला किरोड़ीलाल मीणा, एडीएम

राउमावि नंबर 4 नवनीत कुमार, सीईओ, जिला परिषद

राउमावि कालियां कैलाश शर्मा, एसडीएम

रामवि 1 एमएल कालूवाला शंकरलाल शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी

रामावि टेलेवाला ओपी बुनकर, सचिव यूआईटी

अधिकारियों के निरीक्षण पर रिपोर्ट मान्य

^जिनस्कूलों में अधिकारी नहीं पहुंचे हैं उनकी रिपोर्ट तभी मानी जाएगी जब अधिकारी वहां का निरीक्षण कर लेंगे। शिक्षकों की तैनाती प्रशासनिक अधिकारियों की सहायता के लिए की जाती है, लेकिन वह उनकी तरफ से रिपोर्ट नहीं तैयार कर सकते हैं। रणजीतसिंह, जिला प्रभारी, संबलन

एजुकेशन रिपोर्टर|श्रीगंगानगर

संबलनअभियानके पहले दिन शिक्षा विभाग ने एक बड़ी गड़बड़ी पकड़ी। प्रशासनिक अधिकारी स्कूलों में संबलन अभियान में निरीक्षण करने पहुंचे ही नहीं और उनके साथ लगाए गए सहायकों ने संबलन सफलतापूर्वक होने की रिपोर्ट कंट्रोल रूम को भेज दी। जब शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इस रिपोर्ट को अमान्य कर दिया।

मालूम हो कि बुधवार से शुरू हुए संबलन अभियान के पहले दिन जिले के 107 स्कूलों में निरीक्षण होना था। कलेक्टर सहित छह अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी स्कूलों में जाकर राजकीय विद्यालयों के शिक्षा स्तर की जांच करनी थी। लेकिन अगले सप्ताह पीएम के दौरे की तैयारियों के चलते अधिकतर प्रशासनिक अधिकारी निरीक्षण करने जा ही नहीं सके। इसके बावजूद उनके सहायक शिक्षकों ने खुद ही सारे स्कूलों से बच्चों के शैक्षिक विकास की रिपोर्ट तैयार करके भेज दी। कंट्रोल रूम में शाम तक यह रिपोर्ट पहुंच चुकी थी कि 107 में से 96 विद्यालयों में संबलन हो गया। लेकिन जब इस बात की सूचना आई कि प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे ही नहीं फिर भी इन स्कूलों को बगैर जांच हुए विद्यालयों में शामिल कर दिया गया तो इस रिपोर्ट को अमान्य कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों में एसडीएम जिला आबकारी अधिकारी पहुंचे थे। अन्य प्रशासनिक अधिकारी रिजर्व तिथि 13 फरवरी को विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे।

इनस्कूलों में नहीं हुआ निरीक्षण

राउमावि11 एलएनपी, राउमावि 15 जैड, रामवि गनेशेवाला, राउमावि साधुवाली, राउमावि हिंदुमलकोट, राप्रावि 10 क्यू, रामवि अमरपुरा जाटा, राउप्रावि 19 एफ करनपुर, राउप्रावि 17 एफएफ, राबामावि नेतेवाला, तथा राउप्रावि 7 एफएफ में भी बुधवार को संबलन नहीं हो सका। इन विद्यालयों में अब रिजर्व तिथि को अधिकारी निरीक्षण करेंगे।

श्रीगंगानगर. रामावि शुगर मिल में संबलन अभियान में प्रश्न पूछते शिक्षाधिकारी।