स्वच्छ भारत अभियान बना महज औपचारिकता
श्रीगंगानगर. स्वच्छभारत अभियान के मद्देनजर नगरपरिषद के अधिकारी केवल औपचारिक तौर पर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चलाई हुई योजना को अधिकारी नजरअंदाज किए हुए हैं। नगरपरिषद की सूची के अनुसार शनिवार को विभाग के सफाई कर्मचारियों को डिस्पेंसरी, राजकीय जिला चिकित्सालय सीएमएचओ ऑफिस की सफाई करनी थी। लेकिन मौजूदा हालात कुछ अलग ही थे। शाम 3 से 6 चलाए जाने वाले अभियान में जिला अस्पताल में बाहर सफाई कर्मी शाम चार बजे के बाद आए। वो भी तीन कर्मियों के साथ एक सुपरवाइजर मौजूद था। वहीं लगभग शाम 5.30 बजे के बाद एक भी कर्मी दिखाई नहीं दिया। और अभियान खत्म हो गया। इस अभियान के तहत क्या काम होंगे औक कैसे कराएं जाएंगे सभी तरह की गाइड लाइन जिला कलेक्टर ने जारी की हुई। इसके बावजूद ना तो केन्द्र सरकार आदेशों की पालना हो रही है और ना ही जिला कलेक्टर के। वहीं शाम 4.30 के आसपास सीएमएचओ ऑफिस में भी केवल चार महिला सफाई कर्मी सफाई करती हुई दिखाई दी। इससे साफ जाहिर होता है कि ये अभियान भी सभी अभियानों की तरह फाइलों में सिमट कर रह जाएगा।
कोईअधिकारी नहीं होता मौजूद
नगरपरिषदने इस अभियान के दौरान निष्पक्षता से काम कराने के लिए पांच जेईएन को बतौर निरीक्षण अधिकारी और तीन राजस्व अधिकारियों की ड्यूटी लगाई थी। वहीं शनिवार को इन सातों अधिकारियों में एक भी अधिकारी मौके पर मौजूद नही थी। इन सभी चीजों से यही साफ होता है कि अभियान की शुरूआत औपचारिक तौर पर की गई थी जो अब तक औपचारिकता ही चल रही है।
^इसकेबारे में मुझे जानकारी मिली है। इस अभियान पर लापरवाही करते हुए पाए जाने पर अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रहलादमीणा, आयुक्त,नगरपरिषद