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पिटी बारियों की भरपाई के लिए किसानों का हंगामा
श्रीगंगानगर. साप्ताहिक बैठक में पिटी बारियों के लिए अतिरक्त पानी देने की मांग करते हुए किसान।
नगर संवाददाता|श्रीगंगानगर
गंगकैनालकीजल वितरण समिति की बुधवार को हुई साप्ताहिक बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। विभिन्न नहरों के किसान पिटी बारियों की भरपाई के लिए अतिरिक्त पानी दिए जाने की मांग कर रहे थे। वहीं कुछ नहरों के किसानों ने पंजाब से शेयर के अनुसार पानी लिए जाने की मांग की।
किसानों ने कहा कि दिसंबर में दो हजार क्यूसेक पानी मिलना चाहिए। महकमे के अधिकारी पंजाब के अधिकारियों पर दबाव बनाकर कम से कम 1700 क्यूसेक पानी लें। वहीं बैठक में एसई और रेगुलेशन एक्सईएन की अनुपस्थिति पर भी किसानों ने रोष जताया। किसान शांत नहीं हुए तो करीब 12:40 बजे सिंचाई विभाग के अधिकारी यह कहते हुए बैठक से उठकर चले गए कि बैलेंस पानी चलाने के लिए संबंधित अधिकारी ही निर्णय लेंगे। अब बैलेंस पानी मिलने पर अगली बैठक में ही निर्णय हो पाएगा।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार एसई रेगुलेशन एक्सईएन अवकाश पर होने के कारण बैठक में उपस्थित नहीं हो पाए। इन दिनों 1600 क्यूसेक पानी की मांग है। पानी की आवक में उतार-चढ़ाव से समस्या बनी। बुधवार को 1300 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी।
पानीका असमान वितरण
किसानसाढ़े दस बजे से हंी सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में एकत्रित होना शुरू हो गए थे। दोपहर 12 बजे जैसे ही बैठक शुरू हुई। केके, एच और एफ माइनर सहित अन्य नहरों के किसानों ने वार विशेष को बारियां पिटने की शिकायत की। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की अनदेखी के चलते सिंचाई पानी का असमान वितरण हो रहा है।
वरीयतासे ही चलेंगी नहरें
^नहरेंनिर्धारित वरीयता के अनुसार ही चलेंगी। अतिरिक्त पानी मिलने पर ही बैलेंस नहरें चलाई जाएंगी। रविकुमारसुमन, एक्सईएनसिंचाई विभाग।