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जिले में 2.50 लाख गैस उपभोक्ता डीबीटीएल से जुड़े महज 80 हजार
डीबीटीएलको शुरू होने में अब महज 20 दिन शेष बचे हैं, लेकिन जिलेभर के करीब 30-35 फीसदी उपभोक्ता ही इससे जुड़ पाए हैं। जिलेभर में 2.50 लाख गैस उपभोक्ता हैं, जबकि योजना से करीब 80 हजार ही जुड़े हैं। सरकार ने तय किया है कि इन 20 दिन में जो उपभोक्ता योजना से नहीं जुड़ा उसकी गैस सप्लाई रोकी जाएगी अथवा उसे पूरी कीमत 749 रुपए में सिलेंडर लेना होगा।
सूत्रों के अनुसार एक जनवरी 2015 से प्रदेशभर में यह योजना एक साथ शुरू होगी। योजना से जुड़ने के लिए गैस उपभोक्ता को अपना आधार नंबर बैंक अकाउंट नंबर की जानकारी गैस एजेंसी बैंक में देनी है। इसके बाद एक जनवरी से गैस सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के खाते में आनी शुरू हो जाएगी। सरकार ने चेतावनी दी है कि जिन उपभोक्ताओं ने 31 दिसंबर तक आधार बैंक की जानकारी एजेंसी में नहीं दी तो उसे एक जनवरी से गैस सप्लाई नहीं की जाएगी।
:: एडवांस सब्सिडी में मिलेंगे वन टाइम 568 रुपए
सरकार ने डीबीटीएल से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए एडवांस सब्सिडी राशि भी तय कर दी है। एक जनवरी से योजना से जुड़े उपभोक्ताओं के बैंक खाते में 568 रुपए आने शुरू हो जाएंगे। यह राशि वन टाइम होगी और योजना चलने तक उपभोक्ता के खाते में ही रहेगी। पहले यूपीए सरकार के समय यह वन टाइम राशि 435 रुपए थी।
:: हर सिलेंडर लेने के बाद मिलेंगे 347 रुपए
उपभोक्ता को एक जनवरी से गैस सिलेंडर के 749 रुपए देने होंगे। इनमें 402 रुपए सिलेंडर कीमत 347 सिलेंडर सब्सिडी होगी। सिलेंडर की डिलीवरी होते ही सरकार कुछ दिन में 347 रुपए उपभोक्ता के खाते में जमा करा देगी। यह राशि अभी सरकार गैस कंपनी को देती है। गैस सिलेंडर की कीमत हर महीने तय होने के कारण यह राशि भी हर महीने संशोधित होगी।
...वर्जन...
हमारामकसद है कि जिलेभर के 100 फीसदी उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ दिया जाए। उपभोक्ता अपने दस्तावेज एजेंसी में भी जमा करा सकते हैं। उन्हें बैंक में चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है।
-अजय चड्ढा, जिलाध्यक्ष, श्रीगंगानगर गैस एजेंसी।
जानिए डीबीटीएल से जुड़ने के तरीके
उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे एसएमएस
उपभोक्ताओंको डीबीटीएल से जोड़ने के लिए तीनों प्रमुख कंपनियों ने युद्धस्तर पर अभियान चला रखा है। कंपनियों ने सभी उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल नंबर पर स्वत: ही 17 डिजिट के नंबर भेज दिए हैं। उपभोक्ताओं को यह सुविधा भी दी गई है कि