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मनुष्यता का धर्म सबसे बड़ा होता है : कलेक्टर
मनुष्यताकाधर्म सबसे बड़ा होता है। लोग भले जितने ही पैसे वाले हों, लेकिन अगर उनके हृदय में इंसानियत के भाव नहीं है तो ऐसे रुपयों का कोई फायदा नहीं। यह बात बीमार और बेसहारा लोगों के इलाज के लिए रीको में शुरू हुए अपना घर आश्रम के उद्घाटन के दौरान कलेक्टर आरएस जाखड़ ने कही। वह वहां मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष बृजमोहन गुप्ता और एसपी हरिप्रसाद शर्मा मौजूद थे।
आश्रम की शुरुआत 11 प्रभु जी (बेसहारा मरीज) के साथ की गई। अभी तक यह बीकानेर स्थित आश्रम में भर्ती थे और यहां उनका इलाज किया जा रहा था। बताया जाता है कि यह शहर में ही मिले थे, लेकिन उस समय यहां आश्रम होने के कारण इन्हें बीकानेर भेजा गया था। इस आश्रम को 15 बेड के साथ शुरू किया है, जल्द ही इसका विस्तार करके इसमें 100 बेड तक बढ़ाने की योजना है। अपना घर संस्थान का यह 10वां आश्रम है जो श्रीगंगानगर शहर में खोला गया है। पूरे राजस्थान में ऐसे 7, दिल्ली में 2 और उत्तरप्रदेश में 1 आश्रम है। संस्था के नि:शुल्क हेल्पलाइन नंबर भी चल रहे हैं, जिसमें लोग इस प्रकार के मरीजों की सूचना दे सकते हैं। वहीं, समाजसेवा की भावना रखने वाले विभिन्न लोगों ने दिल खोल कर संस्था की सहायता के लिए लाखों रुपए दान देकर आश्रम के सफलता पूर्ण संचालन के लिए अपना सहयोग दिया। इस दौरान ओबीसी बैंक के डीजीएम एचके बत्रा, जयदीप बिहाणी और अन्य लोग मौजूद थे।
क्याहै अपना घर
संस्थाका मुख्यालय भरतपुर में है, जहां वर्ष 2000 में डॉ. बीएम भारद्वाज और उनकी प|ी डॉ. माधुरी भारद्वाज ने संस्था की शुरुआत की। संस्था में असहाय और बीमार लोगों का इलाज और सेवा की जाती है। इसमें ऐसे लोग जिनके शरीर में बीमारी या घाव के कारण कीड़े पर जाते हैं और सामान्य लोग उनके पास जाने से भी कतराते हैं। इस प्रकार के लोगों को अपना घर आश्रम में लाकर साफ-सफाई की जाती है और उनका इलाज किया जाता है। संस्था के लोग इन मरीजों को प्रभु जी कहकर संबोधित करते हैं।
जरूरतमंदोंके लिए दिए कंबल और लोई
महावीरइंटरनेशनल के सदस्यों ने शनिवार को गोल्डन सिटी रीको स्थित अपना घर आश्रम में आने वाले असहायों और जरूरतमंदों के लिए राहत सामग्री दी। इसमें 62 कंबल, 20 लोई और 30 तौलिए संस्था को सुपुर्द किए। इस दौरान विनोद गोयल, राजेश झूंथरा, रतनचंद बगड़िया राकेश