श्रीगंगानगर. अंग्रेजी में एक कहावत होती है कि “प्रैक्टिस मेक्स मैन परफेक्ट’। यह पूरी तरह से गणित विषय की तैयारी पर फिट बैठती है, क्योंकि स्टूडेंट इस गणित के सवालों की जितनी प्रैक्टिस करते हैं परीक्षा के समय उन्हें उतनी ही आसानी होती है।
गुड शेफर्ड के वाइस प्रिंसीपल गणित के लेक्चरर ब्रिजेश तलवार बताते हैं कि मैथ ऐसा विषय है जिसमें उच्चतम अंक प्राप्त किए जा सकते है, परन्तु फिर भी 60 प्रतिशत छात्रों के मन में गणित को लेकर भय रहता है। यह सब आत्मविश्वास की कमी के कारण ही होता है। सफलता प्राप्ति के लिए इन बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है।
यूं होता है प्रश्नपत्र का विभाजन
रिलेशन और फंक्शन 10
अलजेबरा 13
वेक्टर, 3 डी 17
कैलकुलस 44
प्रोबिलिटी, लाइनर प्रोग्रामिंग 16
कुल अंक 100
प्रश्न पत्र में 3-5 अंकों के नैतिक मूल्य आधारित प्रश्न होंगे, अत: ऐसे प्रश्नों की तैयारी भी आवश्यक है।
तैयारी के समय सभी फार्मूलों की एक लिस्ट बना कर रखनी चाहिए एवं बार-बार उसे दोहराना चाहिए।
परीक्षा की तैयारी के लिए एनसीईआरटी किताब के सभी प्रश्न पत्र उदाहरण अच्छी तरह दोहराने चाहिए।
अच्छे अंक प्राप्ति के लिए पिछले सालों के सभी प्रश्न पत्र, सेम्पल पेपर मॉडल पेपर का अभ्यास आवश्यक है।
विद्यार्थियों को अपने कमजोर क्षेत्र पर अधिक मेहनत करनी चाहिए। संदेह वाले प्रश्न के अंतिम समय का इंतजार नहीं करना चाहिए।
प्रश्नोत्तर रटने की अपेक्षा समझने चाहिए एवं उत्तर पुस्तिका में उत्तर सफाई के साथ व्यवस्थित रूप से लिखने चाहिए।
नींद में अनावश्यक कटौती नहीं करनी चाहिए।
हल्का रेशेदार भोजन प्रयोग करना चाहिए, जिस से शरीर में स्फूर्ति रहे।
तनाव महसूस होने पर अध्यापकों एवं अभिभावकों से मार्गदर्शन लेना चाहिए। बृजेश तलवार।