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नगर संवाददाता | श्रीगंगानगर

7 वर्ष पहले
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श्रीगंगानगर. जवाहरनगर में रविवार को दिनदिहाड़े मेडिकल स्टोर संचालक के घर पर एक महिला के मुंह पर कपड़ा बांधकर दो युवकों ने 30 तोला सोने के जेवर आठ हजार रुपए लूट लिए। घटना के समय घर में केवल दो महिलाएं थी।
घर में पहले से घुसे हुए लुटेरों ने मौका देखकर महिला के मुंह पर कपड़ा बांधा फिर नशीला पदार्थ सुंघाकर घर की अलमारियां खंगालीं। घर में मौजूद दूसरी महिला बीमार होने के कारण अन्य कमरे में सो रही थी।

घटना की जानकारी मिलने पर जवाहरनगर पुलिस के साथ मौके पर पहुंची एएसपी राशि डोगरा ने लोगों से पूछताछ की। सेक्टर 2 स्थित 2 बी निवासी अवतार सिंह टंडन मेडिकल स्टोर संचालक हैं। बेटा रिंकू टंडन घर में ही इलेक्ट्रिक का काम करता है और छोटा बेटा बबलू टंडन पंजाब एंड सिंध बैंक में प्रोबेशनरी ऑफिसर है।

बताया जाता है कि शनिवार को रिंकू अपनी पत्नी के साथ लुधियाना में अपनी ससुराल चले गए थे। बाकी सदस्य रविवार होने के कारण घर पर थे। दोपहर 2 बजे बबलू को बैंक से फोन आने के कारण उसे जाना पड़ा। करीब ढाई बजे अवतार सिंह बाजार से सामान लाने चले गए। तब घर में केवल अवतार की बीमार बुजुर्ग मां जीतो देवी और 55 वर्षीय प|ी सीतारानी उर्फ पप्पी रह गए।

पुलिस को दिए बयान में सीतारानी ने बताया कि अवतार सिंह के जाने के बाद वह गेहूं साफ करने लगी। शाम करीब चार बजे वह प्रथम मंजिल पर बने कमरे में पहुंची तभी अचानक दो युवकों ने पीछे से आकर उन्हें पकड़ लिया।
युवकों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और फिर चुन्नी से मुंह बांध दिया। इस दौरान युवकों ने नशीला पदार्थ सुंघाकर उसे बेहोश कर दिया। शाम 4:45 बजे अवतारसिंह बाजार से लौटकर प्रथम मंजिल पर बने कमरे में पहुंचे तो अंदर का दृश्य देखकर सकते में गए। कमरे में पत्नी फर्श पर बेहोश पड़ी थी जबकि अलमारियां खुली थी और सारा सामान अस्त व्यस्त जमीन पर पड़ा हुआ था।
वे चीखते हुए नीचे पहुंचे और पड़ोसियों को बुलाया। सूचना मिलते ही जवाहरनगर पुलिस के साथ पहुंची एएसपी ने जांच के बाद पीछे गली के एक घर में लगे कैमरों के फुटेज खंगाले। साथ ही परिवार वालों अन्य लोगों से जानकारियां जुटाईं। अवतारसिंह ने पुलिस को बताया कि युवक 30 तोला सोने के जेवर और करीब 8 हजार रुपए लूट ले गए। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था।
घर में प्रथम मंजिल तक पहुंचने के लिए दो रास्ते हैं। एक रास्ता बाहर बनी सीढ़ियों से है, जिससे सभी आते-जाते हैं। दूसरा घर के अंदर से बना हुआ है। यह पीजी के रूप में रहने वाले स्टूडेंट्स के आने जाने के लिए बना है।
मौजूदा समय में पीजी में ग्राउंड फ्लोर पर दो लड़कियां रहती है। एक सीए की छात्रा है जबकि दूसरी निजी नर्सिंग होम में नर्स है। सीए की पढ़ाई कर रही छात्रा ने बताया कि शनिवार को रूममेट नर्स अपने गांव गई थी।