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निर्माण कार्यों में पारदर्शिता के लिए पहली बार ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया
पहली शहर में सफाई दूसरी गोशाला
सभापति ने काम संभालते ही कर्मचारियों अधिकारियों को अपनी प्राथमिकताएं भी बता दी। उनका फोकस शहर में बदहाल सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा, साथ ही आवारा पशुओं को गोशाला में भेजना होगा। सभापति मंगलवार को सफाई, बुधवार को निर्माण गुरुवार को गैराज शाखा की बैठक लेंगे।
श्रीगंगानगर. कार्यालय में बैठे सभापति उनके भाई अशोक चाडंक और पार्षद।
पहले काम की जांच, फिर 7 करोड़ का भुगतान: शहरके ठेकेदारों को सात करोड़ रुपए का भुगतान नगर परिषद ने करना है। तय हुआ कि इन कामों की जांच के बाद ही ठेकेदारों को भुगतान होगा। घटिया काम हुआ तो राशि काटी जाएगी।
सुबह8 से 11 शहर का निरीक्षण, दोपहर 12 से 4 आमजन से मिलेंगे: सभापतिशहर का सुबह आठ से 11 बजे तक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान सफाई, कब्जे को देखेंगे। दोपहर 12 से 4 बजे तक नगरपरिषद में रहकर आमजन की सुनेंगे।
पांच लाख से ज्यादा के टेंडर ऑनलाइन : नगरपरिषद में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए तय हुआ कि अब ठेकेदार ऑनलाइन ही टेंडर भरेंगे। इससे निष्पक्षता भी बनी रहेगी। वर्क आर्डर आदि भी ऑनलाइन रहेंगे, ताकि जनता देख सके।
चुनावसे पहले के 2.75 करोड़ के टेंडर निरस्त: चुनावसे पहले हुए 2.75 करोड़ के टेंडर निरस्त हो गए हैं। अब इनके वर्कआर्डर नहीं होंगे। आरोप लग रहे थे कि पहले वाले बोर्ड ने कुछ खास वार्डों में ही उन 2.75 करोड़ के कामों को मंजूरी दी थी।
10करोड़ के रुके कामों की फाइलें तलब: शहरमें 10 करोड़ के ऐसे काम हैं, जिनके वर्कआर्डर हो चुके हैं। लेकिन शहर में काम शुरू नहीं हुए। इन कामों की फाइलें तलब की गई हैं। गैर-जरूरी कामों को निरस्त करने का मानस बनाया जा रहा है।