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िजला अस्पताल में रात को उतारा 100 बैग यूिरया
अंधेरेकाफायदा उठाते हुए रातों-रात एक व्यापारी ने काला बाजारी करने के लिए यूरिया के 100 बैग अस्पताल परिसर की एक दुकान में रखवा दिए। ये बैग एक ट्रोला में आए थे। रात करीब 7:50 पर भास्कर को सूचना मिली थी कि एक ट्रोला से यूरिया के बैग अस्पताल परिसर में उतारे जा रहे हैं। तब भास्कर टीम मौके पर गई तो देखा कि 8 मजदूर तेजी से एक-एक कर सभी यूरिया बैग एक दुकान में रख रहे थे। ये काम इतनी तेजी से हो रहा था कि मात्र 20 मिनट के अंदर पूरा ट्रोला खाली करवा दिया। व्यापारी का नाम ज्ञान अरोड़ा बताया जा रहा है।
पहलेबताया गलत नाम, बाद में सही
मौकेपर व्यापारी ज्ञान अरोड़ा ने अपना नाम रामकिशन बताया और खबर प्रकाशित करने का आग्रह करने लगा। लेकिन संवाददाता और फोटो जर्नलिस्ट के उनकी बात मानने से इनकार करने पर भास्कर कार्यालय में आकर खबर नहीं प्रकाशित करने के लिए कहने लगा। इस वक्त खुद को राम किशन बताने वाले व्यक्ति ने अपना सही नाम ज्ञान अरोड़ा बताया और बोला मैं यूरिया की कालाबाजारी नहीं करता। जब भास्कर संवाददाता ने पूछा कि अस्पताल परिसर में यूरिया क्यों उतारा जा रहा था तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
श्रीगंगानगर. जिला अस्पताल परिसर स्थित एक दुकान में रखवाए जा रहे यूरिया के कट्टे।
कालाबाजारी के लिए 400 बैग और आने की सूचना
शहरमें गुरुवार रात को कालाबाजारी करने के लिए 400 बैग और आने की सूचना है। ये कहां है इसके बारे में अभी जानकारी नहीं मिली है। दरअसल व्यापारी ज्ञान ने बातों-बातों में ये बताया कि 500 बैग यूरिया आए हैं। विनोबा बस्ती में जगह नहीं होने के कारण 100 बैग अस्पताल परिसर में स्थित एक दुकान में रखवा रहा है। इस यूरिया की उसके पास बिल्टी भी है।
सूचनाके बावजूद पुलिस भी नहीं पहुंची
उपनिदेशकको सूचना देने के बाद भास्कर संवाददाता ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करके कालाबाजारी से लाए गए 100 बैग यूरिया की सूचना दी। कंट्रोल रूम में फोन रिसीव करने वाले व्यक्ति ने कहा कि मैं अभी सदर थाने में सूचना करता हूं। लेकिन देर रात तक सदर थाने की तरफ से कोई पुलिसकर्मी कार्रवाई के लिए नहीं आया।
श्रीगंगानगर. जिला अस्पताल परिसर स्थित एक खाली दुकान में यूरिया के कट्टे रखते लोग।