पिड़ों के आवंटन का मामला पीएम कार्यालय पहुंचा
श्रीगंगानगर। नगरपरिषद की ओर से पुरानी धानमंडी में पिड़ों के आवंटन के नाम पर दुकानदारों से लिए गए रुपयों का मामला प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंच गया है। वार्ड 29 पार्षद पवन गौड़ ने गत माह पीएमओ को मामले की जानकारी प्रेषित की थी। जहां से 29 जनवरी को मुख्य सचिव के नाम पत्र जारी किया गया है। जिसमें मामले की पड़ताल कराने की गई कार्रवाई से उक्त कार्यालय को अवगत कराने की बात लिखी गई है। गौड़ ने पीएमओ को ज्ञापन प्रेषित कर अवगत कराया था कि नगर परिषद के अधिकारियों ने पुरानी धानमंडी के पिड़ों के आवंटन के नाम पर दुकानदारों से अवैध रूप से रुपए वसूल किए हैं। क्योंकि नगर परिषद के पास पुरानी धानमंडी के पिड़ों के आवंटन से संबंधित किसी भी प्रकार के दस्तावेज या उच्चाधिकारियों के आदेश मौजूद नहीं है।
2से 4 फीट के चबूतरे कब्जे, तो 120 फिट के पिड़ वैध कैसे
गौड़के अनुसार हाईकोर्ट के आदेश पर शहर में अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। दिसंबर माह में शहर में तीन मुख्य मार्गों के अलावा करणी मार्ग पर 40 मकानों का अतिक्रमण ध्वस्त किया गया। इस दौरान प्रशासन ने दुकानों मकानों के आगे से 2 से 4 फीट के थड़े, चबूतरे तक अतिक्रमण मानते हुए हटा दिए। ऐसे में पुरानी धानमंडी में दुकानों के आगे बने करीब 120 फिट तक के पिड़ कैसे वैध हो सकते हैं। परिषद अधिकारियों ने मनमानी कर दुकानदारों को डीएलसी बढ़ने कार्रवाई का भय दिखाते हुए करीब साढ़े छह करोड़ रुपए 30 31 दिसंबर को अपने कोष में जमा करवा लिए।