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धरना स्थल पर चलेंगी बच्चों की कक्षाएं

6 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर| श्रीगंगानगर.

धरनाशब्द आते ही समझा जाता है कि मांग के प्रतिरोध के स्वर उठ रहे होंगे, लेकिन धरने पर बच्चों की पढ़ाई के इंतजाम हों तो यह खुशनुमा अहसास कराता है। यहां यूआईटी के बाहर एक वर्ष से चल रहे आईडीपी के धरना स्थल पर अब इंकलाबी नारों के साथ नन्हे मुन्नों की ए, बी, सी, डी की आवाज भी गूंजेगी। मकान के लिए धरना दे रहे अनशनकारियों के बच्चों के लिए रविवार से धरना स्थल पर ही छोटे क्लास रूम की शुरुआत की गई है। इसका उद्घाटन खालसा लॉ कॉलेज के प्राचार्य चंद्रभान त्यागी ने किया। इसके साथ ही विचार गोष्ठी हुई, जिसमें वक्ताओं ने विचार रखे।

धरनेपर विचार गोष्ठी

आईडीपीसंयोजक राजेश भारत ने बताया कि लगभग एक साल से मकान की मांग को लेकर उनका धरना जारी है। इस कारण आंदोलन में बैठे लोगों के छोटे बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। साथ ही रुपए के अभाव के कारण उन्हें स्कूल भी नहीं भेजा जा सकता था। एक नई झोपड़ी बनाकर बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था की गई है। रविवार को शिक्षा का महत्व बताने के लिए “जीने का अधिकार विषयक विचार गोष्ठी हुई। इसमें मुख्य वक्ता अतिथि के रूम में मौजूद लॉ कॉलेज के प्राचार्य चंद्रभान त्यागी ने बताया कि शिक्षित को कोई गुमराह नहीं कर सकता।

रोशनीऔर साधना ने उठाया पढ़ाई का जिम्मा

इसकेबाद झोपड़ी में फीता काटकर क्लास रूम की शुरूआत की गई। बताया गया कि बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी रोशनी और साधना नाम की दो लड़कियों ने उठाई। यह दोनों एसटीसी और बीएड उत्तीर्ण हैं और मकान के लिए चल रहे अनशन में शामिल हैं।