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पांच करोड़ रुपए के जारी टेंडर को लेकर नप के ठेकेदार पार्षद हुए आमने-सामने
ठेकेदार: परिषद अधिकारियों ने सांठ गांठ कर टेंडर निकाले
भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर
नगरपरिषद की ओर से हाल ही में जारी 5 करोड़ रुपए के टेंडर पर ठेकेदार पार्षद आमने सामने हो गए हैं। ठेकेदार टेंडर निरस्त कराने वहीं पार्षद टेंडर यथावत रखने के पक्ष में गए हैं। लेकिन सोमवार को दो अलग-अलग दृश्य देखने में आए। दाेपहर अनेक पार्षदों ने सभापति कक्ष के आगे धरना लगाकर टेंडर निरस्त नहीं होने की मांग की। लेकिन शाम स्थिति बदल गई। धरने पर बैठे कुछ पार्षदों ने कहा कि उन्हें धरने के बारे में बताया नहीं गया। गुमराह कर धरने पर बैठा लिया गया है। वार्ड 48 के पार्षद कृष्ण लाल चौहान ने कहा कि वे वार्ड 19 पार्षद रामस्वरूप परिषद में किसी कार्य से गए थे। जहां पार्षदों ने धरने पर साथ देने के लिए कहा, इस पर वे चले गए। धरने के संबंध में जानकारी मिली तो वे त्रिलाेक नायक, माणा वालिया, पवन माटा धरने से उठकर सभापति कार्यालय में चले गए। चौहान ने बताया कि टेंडरों की जांच होनी चाहिए। यदि टेंडर सही हैं, तो वर्क आर्डर जारी होने चाहिए और खामी है तो टेंडर निरस्त कर देने चाहिए। चौहान ने यह भी बताया कि विगत माहों के दौरान 11 करोड़ के टेंडर निरस्त कर दिए गए थे, तब विरोध क्यों नहीं किया गया।
श्रीगगानगर. निर्माण कार्य करवाने को लेकर नगर परिषद मे धरने पर बैठै पार्षद।
पार्षद: लंबे समय बाद लगे हैं टेंडर
धरनेपर बैठे पार्षदों का कहना था कि करीब एक साल बाद वार्डों के पांच करोड़ के टेंडर लगे हैं। वार्डों में कार्य होंगे तो अच्छा संदेश जाएगा, लेकिन परिषद सूत्रों की मानें तो ठेके के समर्थन में धरना लगाने वाले पार्षदों के वार्डों में बड़ी राशि के टेंडर लगे हैं। इनमें अनेक पार्षद वे हैं जो या तो खुद ठेका फर्म चला रहे हैं या अपने परिचित के मार्फत ठेका चला रहे हैं। धरने पर पार्षद जवाहर चावला, धर्मपाल पाली, मास्टर बलदेव सिंह, नमिता सेठी, रमेश घड़ियाव, पवन माटा, बलजीत बेदी, कृष्ण चौहान, रामस्वरूप, माणा वालिया, त्रिलोक नायक, कृष्ण सिहाग मौजूद रहे।
पार्षद बोले-निरस्त नहीं होने चाहिए टेंडर, आयुक्त को ज्ञापन
परिषद के अनेक ठेकेदार दोपहर एकत्रित होकर कार्यवाहक आयुक्त लेखाधिकारी सिमरजीत सिंह अटवाल के पास पहुंचे। जहां उन्होंने ज्ञापन देकर अवगत कराया कि परिषद के अधिकारियों ने ई-टेंडर जारी करने में मनमानी की है। उन्होंने कहा कि 26 27 जनवरी को टेंडर डाउनलोड किए गए। 30,31 जनवरी को शनिवार-रविवार का अवकाश रहा वहीं 1 फरवरी को सर्वर डाउन रहा इससे अनेक ठेकेदार टेंडर नहीं भर सके। इस मौका पर प्रधान जगदीश लडोइया , राजेश, विनोद, मनीष सहित अन्य मौजूद रहे। ठेकेदार मंगलवार को परिषद में धरना देंगे।
श्रीगगानगर. नगरपरिषद में अधिकारी से वार्ता करते ठेकेदार।