श्रम एवं तस्करी पीड़ित बालकों को श्रम मुक्त कराएं:कलेक्टर
श्रीगंगानगर| कलेक्टरपीसी किशन एवं अध्यक्ष जिला बाल संरक्षण इकाई श्रीगंगानगर की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक का उद्देश्य किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम 2000 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के श्रम एवं तस्करी पीड़ित बालकों को श्रम मुक्त कराना है। जो विषम परिस्थितियों में जैसे पॉलिशिंग, आरी-तारी, गलीचें बनाने, ईंट भट्ठों, घरेलु श्रमिक, कचरा बीनने, बीड़ी उद्योग, खाद्यानों, कृषि व्यवसाय, चाय की थडिय़ों, ढाबों एवं चूड़ी बनाने का कार्य कर रहे है, उनके लिए जिले में गठित टास्क फोर्स के माध्यम से 15 मार्च तक एक विशेष अभियान चलाकर मुक्त करवाकर उनकी देखभाल संरक्षण एवं पुर्नर्वासित कर विभिन्न विभागों की सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं से जोड़ना है। कलेक्टर ने बैठक में मौजूद उपायुक्त श्रम विभाग को निर्देश दिए कि वे विषम परिस्थितियों में कार्यरत बच्चों का सर्वे करवाएं। सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई को निर्देश दिए कि वे सभी उपखंड अधिकारियों को अर्द्ध शासकीय पत्र लिखवाकर अभियान में भागीदारी सुनिश्चित कराएं। बैठक में अध्यक्ष एवं सदस्य बाल कल्याण समिति, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का प्रतिनिधि, समन्वयक चाइल्ड लाईन, व्यवस्थापक ममता पुनर्वास एवं शोध संस्थान बींझबायला उपस्थित थे।