दिल्ली के दो प्राइवेट बैंकों में खुलवाए थे 11 फर्जी अकाउंट
भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर
आयकरविभाग से करोड़ों की ठगी करने के मामले में पुलिस को कई और जानकारियां हाथ लगी है। पुलिस के अनुसार विभाग से ठगी करने के मकसद से आरोपी कपिल कंसल ने एक-आध नहीं बल्कि ग्यारह फर्जी अकाउंट दिल्ली में खुलवाए थे। इन बैंक खातों में आशीष गोयल पुत्र कपिल गोयल, आशीष गोयल पुत्र रमेश गोयल के नाम से फर्जी आईडी लगाई गई थी। यह फर्जी खाते आरोपी ने यस बैंक और आईडीबीआई में खुलवाए थे।
चहल चौक के पास रहने वाले कपिल कंसल उर्फ आशीष गोयल ने सात नकली फर्म तैयार कर की थी। इन फर्मों में नकली कर्मचारी दिखाकर ही कपिल विभाग से ठगी कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 19 फरवरी तक रिमांड पर लिया हुआ है। इस दौरान आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी कोे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि आयकर विभाग उसके खिलाफ पुलिस में मुकदमा भी दर्ज करवाएगा। लेकिन, आयकर विभाग के आईटीओ रामपाल चौधरी की ओर से कोतवाली पुलिस थाना में किसी आशीष गोयल के नाम से फर्जी दस्तावेज के माध्यम से 36 लाख 65 हजार 854 रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करवा दिया गया था। इसकी जांच करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
इननामों की बनाई फर्जी फर्में
आरोपीकंसल ने जो फर्में बनाई थी उनमें गिक स्क्वायर्ड लिमिटेड, वंशम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड, स्वर्णिम टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, टेक्नो इनोवेटिव सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, राधेकृष्ण अशाेक कुमार, सतगुरु एक्सपोर्ट इंपोर्ट और आशीष गाेयल नामक फर्म बनाई थी। इन फर्मों में फर्जी कर्मचारी दिखाकर आरोपी रिटर्न फाइल करता रहा।
आयकरविभाग को लौटाए थे 74 लाख रुपए
एसआईसुरेंद्र सिंह के अनुसार आराेपी से पूछताछ में उसने स्वीकार किया है कि उसने लगभग पांच करोड़ रुपए के लिए रिटर्न फाइल किया है। वहीं विभाग की ओर से आरोपी को करीब ढाई करोड़ रुपए का रिटर्न दे दिया गया था। इस दौरान आरोपी ने अपनी फर्म को सच्चा साबित करने के लिए और विभाग पर विश्वास बनाने के लिए करीब 74 लाख रुपए विभाग को लौटा भी दिए।