शहर में नया माइलस्टोन जी-25- सिविल लाइंस, जगजीत के बचपन का घर
भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर
सिविललाइंसका जी-25 क्वार्टर। बिल्कुल आम सरकारी जर्जर क्वार्टर्स जैसा ही। लेकिन पिछले 11 दिनों से चर्चा में यही सबसे ज्यादा। पड़ोसी भी हैरान हैं। कई को तो पता भी नहीं था कि गजल सम्राट जगजीतसिंह का बचपन इस खड्डे में बैठ चुके क्वार्टर में बीता था। सिविल लाइंस 1-बी-26 में रहने वाले राजेंद्र कुमार कहते हैं- मुझे तो नहीं पता था कि जगजीतसिंह मेरे सामने वाले मकान में रहा करते थे। पता चला तो बड़ी खुशी हुई। अपने रिश्तेदारों-दोस्तों से भी शेयर किया। जी-6 में रहने वाले करण गिरि ने कहा- मुझे पता तो था कि जगजीत यहां रहते थे लेकिन इंतजार इसी बात का था कि इस जगह को कब पहचान मिलती है। दैनिक भास्कर की पहल के बाद यह काम शुरू हुआ तो काफी अच्छा लगा। जी-5 निवासी बिशनादेवी और धर्मा देवी कहती हैं- रोज कोई कोई यहां आता है और जी-25 का पता पूछता है। कल तक जिस कॉलोनी से किसी को मतलब नहीं था, अब उसका माहौल ही बदल चुका है। कभी लोग रात को मोमबत्तियां जलाकर जाते हैं तो कभी दिन में यहां खड़े होकर फोटो खिंचवाते हैं।
30 जनवरी को भास्कर में खबर छपने के बाद कलेक्टर पीसी किशन एसीईओ रचना भाटिया के साथ जी-25 का मुआयना करने पहुंचे थे। फिर इस क्वार्टर को जगजीत कला मंदिर के रूप में विकसित करने की योजना शुरू की। इसके तहत एक म्यूजियम और एक ऑडिटोरियम बनाया जाना प्रस्तावित है। कलेक्टर ने जगजीतसिंह फैंस क्लब से पहले जगजीतसिंह की 75वीं जयंती पर 8 फरवरी को ही कला मंदिर का शिलान्यास करने की बात कही थी लेकिन फिर बात आगे नहीं बढ़ी। दरअसल, यह क्वार्टर में एक कर्मचारी को आवंटित है और उसका रिटायरमेंट चार माह बाद है। ऐसे में उसके खाली करने के बाद ही यहां कोई काम शुरू किया जा सकता है।