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प्रतापगढ़ के पक्ष में 100 फीसदी वोट, नाम रख दिया महादेवनगर

5 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर

कमीनपुराकानाम प्रतापगढ़ के बजाय महादेवनगर करने से गांव के लोगों में गुस्सा फैल गया है। लोगों में ज्यादा गुस्सा इस बात को लेकर है कि प्रशासन ने 18 जनवरी को गांव में जनमत कराया। 100 फीसदी वोट प्रतापगढ़ के पक्ष में पड़े। एक भी वोट महादेवनगर के पक्ष में नहीं गया। फिर भी सरकार ने मनमर्जी करते हुए कमीनपुरा का नाम बदलकर महादेवनगर कर दिया। सरकार के इस फैसले के खिलाफ गांव के लोग अब कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।

कमीनपुरा गांव के लोग यूं तो नाम बदलने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे। लेकिन प्रशासन तब जागा, जब यहां शुगर मिल बनकर तैयार हुई और सीएम ने यहां उद्घाटन के लिए आने की सहमति दी। प्रशासन ने गांव के लोगों से बात की तो कुछ प्रतापगढ़ के नाम पर सहमत थे तो कुछ महादेवनगर के नाम पर। महादेवनगर के नाम पर लोगों में बड़ी आपत्ति यह थी कि महादेव गुप्ता इसी इलाके के समाजवादी नेता थे। ऐसे में एक व्यक्ति के नाम पर गांव का नाम कैसे हो सकता है? इस पर प्रशासन ने 18 जनवरी को जनमत कराने का निर्णय लिया। प्रशासन ने एसीईओ रचना भाटिया को चुनाव अधिकारी बनाकर गांव भेजा। सुबह से शाम तक गांव में वोटिंग हुई। लोगों को दो विकल्प दिए गए। पहला महादेवनगर और दूसरा प्रतापगढ़। गांव में कुल 1935 वोट हैं। जनमत के दिन 297 वोट पड़े और सभी वोट प्रतापगढ़ के पक्ष में ही पड़े। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि गांव का नाम प्रतापगढ़ ही होगा, लेकिन सरकार ने एकाएक नाम बदलकर महादेवनगर कर दिया।

केसरीसिंहपुर में 18 जनवरी को रायशुमारी करवाई गई थी। मौके पर कलेक्टर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। रायशुमारी में वोटिंग प्रतापगढ़ के पक्ष में हुई। भास्कर ने 19 जनवरी के अंक में समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

गांव कानाम प्रतापगढ़ करने के बजाय महादेवनगर करने से गुस्साए लोग कलेक्टर से मिले। लेकिन कलेक्टर ने भी यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि नाम तय करना सरकार का काम है। इसमें वो कुछ नहीं कर सकते। लोगों ने सवाल किया कि जब सरकार ने अपनी ही मर्जी चलानी थी तो 18 जनवरी को गांव में जनमत ही क्यों कराया? ग्रामीण सरदूलसिंह ने बताया कि कलेक्टर पहले महादेवनगर नाम के खिलाफ थे। बुधवार को वो महादेवनगर से खुश थे। कलेक्टर ने कहा कि प्रतापगढ़ अच्छा नाम नहीं है। महादेवनगर शिव का नाम है। उन्होंने यह भी कह डाला कि गांव में शिव का बड़ा मंदिर बनाया जाए। वहां देवी-देवताओं की मूर्तियां वो स्थापित करवा देंगे।

लोगों की राय का अपमान

^यहतो लोगों की राय का अपमान है। हम सरकार के फैसले के खिलाफ कोर्ट में जाएंगे। सरकार जनता की राय का सम्मान करते हुए इसका नाम प्रतापगढ़ ही करे। -निर्मलसिंहजनप्रतिनिधि

दोनोंनामों की रिपोर्ट भेजी थी

^यहसही है कि लोगों ने प्रतापगढ़ के पक्ष में मत दिया था। हमने दोनों नामों की रिपोर्ट सरकार को भेजी। सरकार ने महादेवनगर नाम तय किया, यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। -पीसीकिशन, कलेक्टर।

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