हमारी संस्कृति को भी दर्शाती है हिन्दी
हिन्दी में होने चाहिए सरकारी कामकाज
साहित्यकारशिक्षक ओम पुरोहित कागद का कहना है कि हिन्दी की स्थिति आज बहुत ही दयनीय हो गई है। इसको बढ़ाने के लिए सरकारी कामकाज हिन्दी में होना बहुत जरूरी है। अगर ऐसा होता है तो हिन्दी लोगों की जरूरत बन जाएगी और राजभाषा से राष्ट्रभाषा बन जाएगी। राजभाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए सरकार को जोर देना पड़ेगा अन्यथा यह नामुमकिन है।
देशवासियोंके लिए जरूरी है हिन्दी
हिन्दीकी लेक्चरर पुष्पा रानी का कहना है कि भाषाएं जितनी आएं अच्छी बात है। हिन्दी की बात करें तो यह भारत देशवासियों के लिए बहुत जरूरी है। सिर्फ हिन्दी से ही अपनी संस्कृति और अपनेपन का पता चलता है। हिन्दी को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और लोगों को भी सोचना होगा।
रोजगारसे जुड़नी चाहिए हिन्दी
इसवर्ष शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित साहित्यकार शिक्षक भरत ओला का कहना है कि अगर हिन्दी को रोजगार से जोड़ दिया जाए तो हिन्दी सबकी जरूरत बन जाएगी। अंग्रेजी भाषा आनी चाहिए, लेकिन इस पर आश्रित नहीं होना चाहिए। हिन्दी को आगे बढ़ाने के लिए देश के हर एक नागरिक को एकजुटता दिखानी पड़ेगी। तभी यह संभव है।
हरजगह होना चाहिए हिन्दी भाषा का प्रयोग
बीआरअंबेडकर कॉलेज के व्याख्याता अन्नाराम शर्मा का कहना है कि हिन्दी हमारी राजभाषा है लेकिन ये बड़े शर्म की बात है कि वर्षों बीत जाने के बाद भी आज तक यह राष्ट्रभाषा नहीं बन पाई। अगर हर जगह हिन्दी का प्रयोग अनिवार्य कर दिया जाए तो सबकी जरूरत हिन्दी हो जाएगी। इसके लिए सरकारी नीतियां ही हिन्दी को आगे बढ़ाने के लिए कुछ कर सकती हैं।
कबशुरू हुआ हिन्दी दिवस
1949में इस दिन संविधान में हिन्दी को राजभाषा घोषित करने वाली धारा स्वीकृत की थी। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिया था। इसी महत्वपूर्ण निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर सन् 1953 से संपूर्ण भारत में 14 सितंबर को प्रतिवर्ष हिन्दी-दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। अंग्रेजी और चीनी के बाद हिन्दी दुनिया की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। हिन्दी दुनिया में सर्वाधिक कामकाज की पांच भाषाओं में से एक है। यह बात बिल्कुल सही है कि हिन्दी अति सरल भाषा है। हिन्दी भारत देश के