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स्टूडेंट पढ़ेंगे भगतसिंह की जेल डायरी, आदर्शों से रूबरू होने का मिल सकेगा मौका

6 वर्ष पहले
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श्रीगंगानगर. स्टूडेंट कोअब शहीदे आजम भगत सिंह के जीवन और उनके आदर्शों से रूबरू होने का मौका मिल सकेगा। भगतसिंह की जीवनी पर आधारित पुस्तक को कॉलेजों की लाइब्रेरी में शामिल किया जाएगा।

इसके लिए कॉलेज निदेशालय जयपुर की ओर से सभी राज्य के सभी कॉलेजों को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपनी आवश्यकता के अनुसार इस पुस्तकों को खरीदकर लाइब्रेरी में शामिल करें।
भगतसिंह की आत्मकथा पर आधारित पुस्तक “दि जेल डायरी ऑफ शहीद आजम सरदार भगतसिंह जी’ सरकार के निर्देशानुसार कॉलेज निदेशालय की ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. अमिला गिल ने सभी कॉलेजों को आदेश भी जारी कर दिए हैं। यह पुस्तक पंजाब के लेखक अभय सिंह ने इस पुस्तक को लिखा है।

भगतसिंह के भतीजे हैं अभय
मोहाली पंजाब के लेखक अभय सिंह संधू भगत सिंह के छोटे भाई सरदार कुलवीर सिंह के बेटे हैं। उन्होंने यह पुस्तक इसलिए प्रकाशित की, जिससे देशवासी के युवा वर्ग भगतसिंह के आदर्शों को जान सके और उनके त्याग को जान सके।

देश के समझौते में व्यक्ति महत्वपूर्ण नहीं
भगतसिंह जब जेल में थे, उस समय उन्होंने महात्मा गांधी को पत्र लिखा था कि लार्ड इरविन के साथ होने वाले गोल मेज सम्मेलन में वह उनकी रिहाई की मांग करें, क्योंकि जब बात देश की हो रही हो तो किसी व्यक्ति विशेष का कोई महत्व नहीं होता।

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वर्ष 1929 में भगतसिंह को अंग्रेजी हुकूमत ने जेल भेजा था। उस समय जेल में पढ़ने लिखने की इजाजत नहीं थी। भगतसिंह ने इसका विरोध किया था, जिसके बाद उन्हें पढ़ने के लिए सामग्री उपलब्ध कराई गई। इसके बाद उन्होंने जेल में रहकर ही अपनी आत्मकथा लिखी थी। यह पुस्तक इसी पर आधारित है।