श्रीगंगानगर। किसी ने कभी नहीं सोचा होगा कि आपके घर में पड़ा कबाड़ और रद्दी भी किसी का भविष्य सवार सकती हैं, लेकिन शहर की दो संस्थाओं ने मिलकर इसे मुमकिन कर दिखाया है। ये न सिर्फ गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं, बल्कि साथ में खान-पीने की चीजें भी बांटते हैं।
दरअसल, शहर में एक इवनिंग स्कूल ऐसा भी है, जहां दान में आई हुई रद्दी कबाड़ से होने वाली आय से बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाया जा रहा है। घर में बेकार पड़ी रद्दी को बाहर कर मोदी के स्वच्छता अभियान में शामिल होकर देश को स्वच्छ रखने में अपना योगदान तो दे ही रहे हैं साथ ही गरीब बच्चों को शिक्षित कर देश के विकास की नींव भी मजबूत कर रहे हैं।
वेतन के लिए ली जाती है रद्दी
मुख्य सेवादार तेजेंद्र पाल सिंह टिम्मा ने बताया कि स्कूल में 4 अध्यापकों को रखा है और इसके वेतन के लिए संस्था के पदाधिकारियों ने नई पहल की योजना बनाई। इकट्ठी की गई रद्दी को बेच कर अध्यापकों का वेतन दिया जाता है। अगर रुपए पूरे नहीं पड़ते तो संस्था के पदाधिकारी राशि मिलाकर अध्यापकों को वेतन देते हैं।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें कैसे योजना को आगे बढ़ाएगा लायंस क्लब...