राजियासर। पुलिस थाना राजियासर क्षेत्र के गांव गोपालसर की रोही में मिले तीन बमों को निष्क्रिय करने आए सेना के दस्ते को उसी जगह पर तीन बम और मिले। इनमें से दो बम जिंदा थे। एक ही जगह पर छह बम मिलने से मामला संदिग्ध हो गया है। छह बम मिलने के बाद सेना पुलिस के अधिकारियों ने आस-पास क्षेत्र में छानबीन की। इसके बाद एक साथ छह बमों का धमाके के साथ निष्क्रिय कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11 बजे सेना के बम निरोधक तीन सदस्यीय दस्ते में शामिल मेजर अजय मेनन, एलआर मीणा पीएम राव बमों को निष्क्रिय करने के लिए गोपालसर की रोही में पहुंचे। बमों का निरीक्षण करते समय दस्ते को उन्हीं बमों के नीचे बमनुमा वस्तु के दबे होने का पता चला। इस पर दस्ते ने जब रेत हटाई तो एक साथ तीन बम और मिले। एक साथ छह बम मिलने पर सेना पुलिस अधिकारी भी सकते में गए।
सेना के दस्ते ने करीब एक बजकर दस मिनट पर एक साथ छह बमों का डेटोनेटर लगाकर निष्क्रिय कर दिया गया। बम निष्क्रिय के बाद पुलिस अधिकारियों आस-पास के इलाके के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पास ही महाजन फील्ड फायरिंग रेंज है। संभवतया: कोई व्यक्ति बम को वहां से ले आया और यहां लाकर छुपा दिए।
छह महीनों में मिल चुके हैं पांच बम : टिब्बा क्षेत्र में कई वर्षों से लगातार बम मिलने का सिलसिला जारी है। इस वर्ष इन छह महीनों में अब तक पांच बम मिल चुके हैं। जानकारी के अनुसार छह अप्रैल को बिरधवाल स्टेशन के पास एक अगस्त को गांव रायांवाली के पास एक खेत में बम मिला था।
गांव गोपालसर की रोही में मिले थे 14 को एक और 15 सितंबर को दो बम मिले थे
राजियासर. बम को निष्क्रिय करते समय धमाके के साथ उड़ा धूल का गुब्बार।