हनुमानगढ़। जिलेभर में शारदीय नवरात्र गुरुवार से शुरू हुए। विद्या प्राप्ति के लिए सरस्वती, धन के लिए लक्ष्मी और संपन्ना के लिए दुर्गा माता की विशेष पूजा अर्चना की गई। पंडित रतनलाल शास्त्री ने बताया कि नवरात्र स्थापना की शुरुआत में घरों और मंदिरों में श्रीगणेश पूजन के साथ हुई। इसके बाद घट स्थापना और बाद में दुर्गा माता और सातों देवियों की पूजा की गई। इसके बाद मंगल, सूर्य, चंद्र, बुध, वृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु आदि नौ ग्रहों की पूजा हुई। इस दौरान भक्तों ने मां दुर्गा को दूध, घी, शकर, शहद से स्नान कराया और बाद में 16 श्रृंगार कर प्रसाद का भोग लगाकर दीपक और धूप से मां की अराधना की गई। इस दिन भक्तों ने मनोकामनाओं के लिए माता का व्रत किया।
पहलेदिन हुई मां शैल पुत्री की पूजा
पंडितरतनलाल शास्त्री ने बताया कि नवरात्र स्थापना के पहले दिन देवी के पहले स्वरूप मां शैल पुत्री की पूजा की गई। नौ दिनों तक माता की विशेष पूजा की जाएगी। उन्होंने बताया कि दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन मां कुष्मांडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन मां कात्यायनी, सातवें दिन मां कालरात्रि, आठवें और नौवें दिन मां महागौरी मां सिद्धिदात्री की पूजा होगी। शास्त्रीजी ने बताया कि इस बार अष्टमी नवमी तिथि एक ही दिन रहेगी। तिथि का क्षय होने से नवरात्रे आठ ही दिन के होंगे।
तीन अक्टूबर सुबह 9:59 बजे तक महानवमी है। उसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी। इसी दिन विजयादशमी मनाई जाएगी। देवी भक्त संपूर्ण नवरात्रा उपवास रखेंगे। उपवास रखने वाले भक्त नवमी पर कुल देवी की पूजा कर कन्याओं को भोजन कराएंगे। नवरात्र के उपलक्ष्य में जंक्शन स्थित दुर्गा मंदिर और टाउन तथा जंक्शन के विभिन्न मंदिरों में माता की अराधना की जाएगी। दैवीय मंदिरों में देवी के स्वरूपों की फूल झांकी सजाई जाएगी।
यहां हुई मां दुर्गा की पूजा : जंक्शनस्थित दुर्गा मंदिर, श्रीराम मार्केट श्रीबालाजी मंदिर, जंक्शन स्थित ओवरब्रिज पुल के नीचे गणेश मंदिर, टाउन स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर, टाउन-जंक्शन मार्ग पर स्थित शनि मंदिर और बालाजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी नवरात्रा पर मां दुर्गा की पूजा हुई।
(हनुमानगढ़. मां भद्रकाली मंदिर में मां की श्रृंगारित मूर्ति।)