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अपराधी को सजा के साथ ही, पीड़ित को न्याय देना जरूरी: गोपालकृष्ण
राजस्थानहाईकोर्टजोधपुर के न्याायाधिपति गोपालकृष्ण व्यास ने कहा है कि अपराधी को सजा मिलनी चाहिए इससे अधिक महत्वपूर्ण है पीड़ित को न्याय मिलना। परिवाद में यह लगे कि विधि अनुसार पीड़ित को आर्थिक रूप से क्षतिपूर्ति दिलवाई जाने की जरूरत है, तो ऐसी स्थिति में निर्णय में इसका उल्लेख जरूर करें। न्यायाधिपति व्यास रविवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले के न्यायिक अधिकारियों की कार्यशाला में बोल रहे थे।
कार्यशाला का आयोजन राजस्थान स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी जोधपुर के तत्वावधान में किया गया था। न्यायाधिपति ने कहा कि न्यायिक सेवा को अपनी नौकरी नहीं सेवा के रूप में मानें। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को लेकर अपडेट रहें। फैसला करते हुए यह जरूर विचार करें कि पीड़ित को किस रूप में और कैसा न्याय दे पा रहे हैं। हनुमानगढ़ के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र पारीक ने धन्यवाद ज्ञापित करते उम्मीद जताई कि कार्यशाला में मिला मार्गदर्शन न्यायिक प्रक्रिया को गति प्रदान करेगा। इससे आम आदमी का न्यायिक व्यवस्था में विश्वास और बढ़ेगा। कार्यशाला में दोनों जिलों के 43 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। मंच संचालन सूरतगढ़ के एडीजे विनोद कुमार ने किया।
श्रीगंगानगर. हाईकोर्ट के न्यायाधिपति जीके व्यास न्यायिक अधिकारियों की कार्यशाला को संबोधित करते हुए।
पीड़ित को त्वरित और न्याय देने के लिए अपडेट रहें
श्रीगंगानगरके जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरफूल सिंह ने कहा कि त्वरित और अच्छे न्याय के लिए न्यायिक अधिकारियों का कानूनी पहलूओं को लेकर हर दिन अपडेट रहना आवश्यक है। इस तरह की कार्यशाला न्यायिक अधिकारियों को अपडेट रखने में सहायक हैं। हम प्रतिदिन होने वाले न्यायिक कामकाज के दौरान कई कठिनाइयां आती हैं। कई ऐसे पेचीदा बिंदु सामने आते हैं जिनमें निर्णय लेने से पूर्व कई पहलूओं का ध्यान रखना होता है। कार्यशालाओं का आयोजन पेचीदा मामलों पर निर्णय लेने में सहायक साबित होती हैं।
कार्यशालामें इन बिंदुओं पर हुई विस्तार से चर्चा
कार्यशालामें भादसं की धारा 428 के प्रभाव और सेक्शन 357 सीआरपीसी के अंतर्गत पीड़ित को कंपनसेशन स्कीम 2012 के प्रभावी क्रियान्वयन विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही पहले अपराध की परिस्थितियों और इस पर परीविक्षा के लाभ, जुर्माना राशि की रिकवरी और कंपनसेशन, अपॉरच्यु