आधुनिक भारत के रचयिता थे विश्वेसरैया
हनुमानगढ़. जंक्शनके सेक्टर छह में स्थित सामुदायिक केंद्र में सोमवार को इंजीनियर्स-डे समारोह पूर्वक मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि सिंचाई विभाग के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर डीएस नौत्रा थे। विशिष्ट अतिथि जयपाल सिंह चौधरी, हजारी लाल बेनीवाल, हेतराम डूडी, रिटायर्ड चीफ प्रहलाद सिंह शेखावत, पृथ्वीराज कासनियां, पीडब्ल्यूडी के एसई रघुनाथसिंह सांखला, जोधपुर डिस्कॉम के एसई आरसी वर्मा, कुलदीप बिश्नोई, जे आर डागला, रामसिंह, आत्मा सिंह, रामजीलाल, आरएस गोयल थे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने भारत रतन मोक्षगुंडम विश्वेसरैया के चित्र के समक्ष दीप जलाकर एवं पुष्प अर्पित से की। मुख्य अतिथि डीएस नौत्रा ने भारत र| मोक्षगुंडम विश्वसरैया की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वेसरैया आधुनिक भारत के रचयिता थे। उन्होंने सभी अभियंताओं को उनसे प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि विश्वेसरैया ने तकनीकी कौशल के लिए पूरे विश्व में खास पहचान बनाई। इंजीनियर राकेश वर्मा ने बताया कि इस तरह का आयोजन जिले में पहली बार करवाया गया। जोधपुर डिस्कॉम के एसई आरसी वर्मा ने बताया कि भारत को यह पहचान दिलाने वाले एम विश्वेसरैया की याद में इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि 15 सितंबर 1860 को एक कन्नड़ ब्राहम्ण परिवार में जन्में सर मोक्षगुंडम विश्वेसरैया मैसूर राज्य के दीवान थे। एसई आरसी वर्मा ने बताया कि बीए पास करने के बाद उन्होंने पूणे इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग की परीक्षा पास की। पढ़ाई पूरी करने के बाद विश्वेसरैया ने पीडब्ल्यूडी मुंबई में इंजीनियर के रूप में कार्य शुरू किया। इसके बाद मैसूर राज्य में दीवान के रूप में कार्य करने लगे। इस दौरान उन्होंने कई बांध, भवन और बड़े उद्योगों की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके द्वारा किए गए योगदान को देखते हुए उन्हें भारत र| दिया गया। इस मौके पर एक्सईएन लाभसिंह मान, अनिल अग्रवाल, छगनलाल जाखड़, सही राम यादव, दलीप कुमार बाना सहित सभी केंद्र राज्य सरकार के अधीन विभागों अन्य उपक्रमों में सेवारत सेवानिवृत अभियंता मौजूद थे। मंच संचालन राकेश वर्मा कुलदीप शर्मा ने किया।
हनुमानगढ़. जंक्शन के सेक्टर छह स्थित सामुदायिक केंद्र में इंजीनियर्स डे पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता