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भाजपा सरकार ने नहीं आने दिए अच्छे दिन

7 वर्ष पहले
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भाजपासरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में जन संगठनों का संयुक्त मंच राजस्थान अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन, अखिल भारतीय जनवादी संहिता समिति, अखिल भारतीय किसान सभा, डीवाइएफआई, सीआइटीयू के पदाधिकारियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में बताया कि भाजपा सरकार ने चुनावों के दौरान जनता से किए वादे आज तक पूरे नहीं किए है। महंगाई चरम सीमा पर है। इससे आमजन त्रस्त है। कामरेड रामेश्वर वर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म करने, बेरोजगारों को रोजगार देने आदि की घोषणा की थी। मगर सरकार बनने के बाद ये सभी वादे पूरे नहीं हो पाए है। डीवाइएफआई प्रदेशाध्यक्ष रघुवीर वर्मा ने कहा कि रेल बस किराए में बढ़ोत्तरी और डीजल के रेट बढ़ाकर गरीबों की कमर तोड़ दी है। रेल रक्षा, बैंक बीमा में विदेशी निवेश के बहाने निजी कंपनियों के हवाले कर दिया गया है। सहकारी बैंक समिति द्वारा बिना ब्याज कर्ज बंद करके तथा रोडवेज के निजीकरण से मजदूर किसानों पर कहर ढहाया है। वक्ताओं ने कहा कि 15 लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा करके नई भर्ती पर अघोषित रोक लगा दी गई है। वहीं 17 हजार से ज्यादा विद्यालयों को बंद करने का निर्णय समानीकरण के नाम पर लिया गया है। बहादुर सिंह चौहान, रामकुमार नुकेरां, दुष्यंत चाहर, चंद्रकला वर्मा, नसीब खां, मेजर सिंह, अरविंद सिंह, मलकीत सिंह आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर सतपाल सिंह, गुरनाम सिंह, हरिकृष्ण राहड़, हरजी वर्मा, मनीराम, जगजीत सिंह जग्गी, बलदेव सिंह मक्कासर, महेंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।

येहैं मुख्य मांगें

-नौकरियों में अघोषित रोक तुरंत हटाई जाए।

- सहकारी बैंकों द्वारा किसानों को ब्याज मुक्त ऋण व्यवस्था जारी रखी जाए।

- सड़कों पर टोल टैक्स बंद किया जाए। हनुमानगढ़-सूरतगढ़ टोल वाली क्षतिग्रस्त सड़क को दुरूस्त किया जाए।

- हर महीने डीजल दरें बढ़ाना रेल, बस किराए में वृद्वि वापस ली जाए। तथा रोडवेज का निजीकरण करना बंद किया जाए।

- वृद्वा विधवा विकलांग मनरेगा को बंद करने की प्रक्रिया बंद कि जाए।

-ग्राम पंचायतों में बंद पड़े मनरेगा कार्य शुरू करवाया जाए और बकाया भुगतान दिलाया जाए। जिले में बिगड़ रही कानून व्यवस्था पर अंकुश लगाया जाए।

- मिड-डे-मील, आंगनबाड़ी आशासहयोगिनी तथा साथिन कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषि