(हनुमानगढ़. जंक्शन ओवरब्रिज के पास पाइप लीकेज के कारण जमा पानी।)
हनुमानगढ़। जलदाय विभाग में स्टाफ की कमी के चलते पानी की सप्लाई समय पर नहीं मिल रही है। यही नहीं जो पानी मिल रहा है उसकी गुणवत्ता भी सही नहीं है। इसका प्रमाण यह है कि पिछले दिनों पानी के कई सैंपल फेल हो गए। इसके अलावा नया कनेक्शन लेने सहित अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इस स्थिति में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलदाय विभाग में 969 पद स्वीकृत है, इनमें से 273 पद लंबे समय से खाली हैं। जिले में जेईएन के 29 में से 22 पद खाली पड़े हैं। अधिकारियों के मुताबिक सात जेईएन पर पूरे जिले की जिम्मेदारी है। ऐसे में जलदाय विभाग से जुड़े काम भी प्रभावित हो रहे हैं। विभाग में बेलदार, हेल्पर, पंप चालक, चौकीदार तथा फिटर आदि कर्मचारियों के पद खाली है।
कर्मचारियोंको नहीं मिल रहा साप्ताहिक अवकाश: विभाग में कर्मचारियों के रिक्त पदों से काम तो प्रभावित हो ही रहा है, वहीं मौजूदा कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिल रहा है। हालात यह है कि कर्मचारी बंधुआ मजदूर की तरह काम कर रहे हैं। नियमानुसार एक कर्मचारी को आठ घंटे ड्यूटी करनी होती है। मगर स्टाफ की कमी के चलते कर्मचारियों को 12 से 16 घंटे काम लिया जा रहा है।
यह काम हो रहे हैं प्रभावित : जलदायविभाग में खाली पदों के कारण ग्रामीण शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति समय पर नहीं हो पा रही है। वहीं लीकेज पाइपों को समय पर दुरुस्त नहीं किया जाता। ऐसे में हजारों लीटर पानी व्यर्थ बहता रहता है। उदाहरण के तौर पर अकेले जंक्शन क्षेत्र में करीब तीन सौ लीकेज है। वहीं टाउन की कई कॉलोनियों में पेयजल पाइप लीकेज है। ऐसे में घरों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है।
वहीं बिलों का वितरण समय पर नहीं हो पाता। इससे बकाया वसूली भी समय पर नहीं हो पाती। साथ ही अवैध कनैक्शन भी बढ़ रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि अवैध कनेक्शन ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक हैं। अवैध कनेक्शनों की संख्या गांव डबली में सबसे अधिक है। सूत्रों के मुताबिक डबली गांव में पांच सौ कनेक्शन अवैध हैं।
1985 के बाद नहीं हुई भर्ती : ''जलदायविभाग में 1985 के बाद नई भर्ती नहीं हुई है। ऐसे में पुराने कर्मचारी रिटायर्ड हो चुके हैं। उनकी जगह नई भर्ती नहीं हुई। इस संबंध में कर्मचारियों ने कई बार आंदोलन किए और धरने लगाए। मगर समस्या का आज तक हल नहीं हुआ। वहीं विभागीय कार्य भी समय पर पूरे नहीं हो पाते हैं। अशोक कुमार भोबिया, प्रदेशकार्यकारिणी अध्यक्ष, वाटर वर्क्स कर्मचारी यूनियन, हनुमानगढ़.
कम स्टाफ से चला रहे हैं काम : ''जलदायविभाग में कर्मचारियों की कमी है। ऐसे में रूटीन के काम प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारियों की संख्या कम होने से उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जिले में 286 वाटर वर्क्स हैं इस हिसाब से 28 सौ कर्मचारी होने चाहिए। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को लिखित में अवगत करवाया गया है।'' मोहनलालमीणा, एसई,जलदाय विभाग, हनुमानगढ़
- अकेले जंक्शन क्षेत्र में तीन सौ लीकेज लंबे समय से ।
- जलदाय विभाग में 969 में से 273 कर्मचारियों के पद खाली ।